भैरों बाजार में ‘मौत की खुदाई’ का खेल, तीन मंजिल गहरी अवैध खुदाई बनी तबाही की वजह

आगरा के भैरों बाजार में केनरा बैंक बिल्डिंग गिरने की घटना अवैध और अत्यधिक गहरी बेसमेंट खुदाई का नतीजा बताई जा रही है। बैंक स्टाफ समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना ने प्रशासन, खनन विभाग और विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

Apr 23, 2026 - 18:04
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भैरों बाजार में ‘मौत की खुदाई’ का खेल, तीन मंजिल गहरी अवैध खुदाई बनी तबाही की वजह
घटनास्थल का चित्र।

बाल-बाल बची जानें, किसके संरक्षण में चल रहा था अवैध बेसमेंट खुदाई का कार्य, मानकों की धज्जियां, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी बेनकाब

आगरा। आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र की जीवनी मंडी चौकी अंतर्गत भैरों बाजार में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भैरों बाजार स्थित केनरा बैंक की बिल्डिंग अचानक जमींदोज हो गई। बैंक बिल्डिंग गिरने की घटना अवैध और अत्यधिक गहरी बेसमेंट खुदाई का नतीजा बताई जा रही है। बैंक स्टाफ समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना ने प्रशासन, खनन विभाग और विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस जांच में जुटी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, केनरा बैंक से सटी प्रॉपर्टी में कई महीनों से अवैध रूप से बेसमेंट की खुदाई चल रही थी। हैरानी की बात यह है कि यह खुदाई जमीन से करीब तीन मंजिल नीचे तक की जा रही थी, जो पूरे क्षेत्र में पहले कभी नहीं देखी गई। लगातार हो रही गहरी खुदाई से आसपास की इमारतों की नींव कमजोर हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

मानकों की अनदेखी, आखिर किसकी मिलीभगत?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गहरी खुदाई की अनुमति आखिर किसने दी? जबकि आगरा में बेसमेंट खुदाई और अवैध खनन पर पहले से ही सख्त रोक है, इसके बावजूद यह निर्माण कार्य खुलेआम चलता रहा। यह घटना न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाने का उदाहरण है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

पानी निकालकर सड़कों पर बहाया जा रहा था

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बेसमेंट की गहराई इतनी अधिक थी कि जमीन के अंदर से पानी निकल रहा था, जिसे पंप के जरिए रोज सड़कों पर बहाया जा रहा था। इसके बावजूद किसी विभाग ने इस अवैध गतिविधि को रोकने की जहमत नहीं उठाई।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सिटी स्टेशन रोड पर अवैध खुदाई के चलते एक मासूम बच्ची की जान जा चुकी है। भैरों बाजार में ही भैरों मंदिर के पास भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद अवैध निर्माण और खुदाई का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।

प्रशासन और विभागों की भूमिका पर सवाल

इस घटना के बाद खनन विभाग और आगरा विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध बेसमेंट खोदा जा रहा था? क्या संबंधित अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के बिना इतना बड़ा निर्माण संभव है?

मौके पर पुलिस, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि नवागत जिलाधिकारी इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।