चार गुना मुआवजा दो या जमीन वापस करो : मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना देकर किसानों ने भरी हुंकार हुंकार, इनर रिंग रोड तृतीय फेस अधिग्रहण को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान, 19 मई को निर्णायक बैठक
आगरा। शहर में इनर रिंग रोड लैंड पार्सल तृतीय फेस की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में किसान मंडलायुक्त कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे से 12:20 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। मंडलायुक्त ने तत्काल एडीए वीसी समेत संबंधित अधिकारियों को तलब कर लिया।
धरने पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले 16 वर्षों पूर्व उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन आज तक न तो उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ मिला और न ही उचित मुआवजा। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि या तो वर्तमान बाजार दर के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए या फिर जमीन वापस की जाए।
मंडलायुक्त ने तत्काल बुलाई अधिकारियों की बैठक
सूचना मिलते ही मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने एडीए वीसी, एसएलओ तथा एसडीएम सदर कार्यालय के अधिकारियों को बुलाया। किसानों का ज्ञापन लेने के बाद विस्तृत चर्चा हुई। हालांकि मौके पर सभी अधिकारी उपलब्ध न होने के कारण 19 मई 2026 को सुबह 11 बजे किसानों के साथ विस्तृत बैठक तय की गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में जमीन वापसी या चार गुना मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है।
पहले चरण को मिला चार गुना मुआवजा, तो तीसरे फेस के साथ भेदभाव क्यों?
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन प्रशासन को हर हाल में करना होगा। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त 2024 को सर्किट हाउस में हुई बैठक में, जहां जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, यह स्पष्ट कहा गया था कि पहले चरण के किसानों को आज की दर से चार गुना मुआवजा दिया गया है। ऐसे में तृतीय फेस के किसानों को उससे वंचित रखना सीधा अन्याय है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। धरने में रोहता, इटौरा, जाखोड़ा, पंचगाई, देवरी समेत कई गांवों के किसान शामिल रहे।
एडीए किसानों के साथ अन्याय पर तुला
किसान प्रतिनिधि डॉ. महावीर सिंह चाहर ने कहा कि एडीए किसानों के साथ अन्याय करने पर तुला हुआ है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
धरने में रविंद्र सिंह बंटू बघेल, कुलदीप सिंह, सोमवीर, धर्मेंद्र सिंह, संजीव सेठ, चेतन स्वरूप रावत, सलीम खान, महेश कुमार, निरितम सिंह, सत्यवीर पाठक, सीपी पाठक, गुड्डू, अशोक कुमार, गोपाल सिंह, पदम कुमार, जयप्रकाश, जगदीश, वेदों पंडित, धर्मवीर, रहेशाम, चित्र सिंह, नागेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रविंद्र सिंह किरशगोपाल, हरेंद्र कुमार, श्रीभगवान शर्मा, विष्णु सिंह, हरिप्रसाद, भगवान सिंह, श्यामसुंदर, पप्पू सिंह, विजय रावत, हरेंद्र तोमर, सत्य नारायण, सोनू समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
अब 19 मई की बैठक पर टिकी किसानों की नजर
धरने के बाद फिलहाल किसानों ने आंदोलन स्थगित किया है, लेकिन साफ कर दिया है कि यदि 19 मई की बैठक में ठोस निर्णय नहीं हुआ तो मंडल स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। किसानों का कहना है कि 16 वर्षों से अधिग्रहण की मार झेल रहे परिवार अब और इंतजार नहीं करेंगे।