आगरा के तेहरा-सैयां कोआपरेटिव गोदाम में सीढ़ियों के नीचे मिले तीन रेतीले अजगरनुमा सांप, वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग ने किये रेस्क्यू
आगरा। भीषण गर्मी के बीच एक सहकारी गोदाम उस समय दहशत का केंद्र बन गया, जब कर्मचारियों ने सीढ़ियों के नीचे तीन सांपों को छिपा हुआ देखा। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर तीनों कॉमन सैंड बोआ सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यह पूरा अभियान आगरा के तेहरा-सैयां स्थित सहकारी समिति के सहकारी गोदाम में चलाया गया।
कर्मचारियों की सतर्कता से बची जान, वन विभाग ने तुरंत किया संपर्क
गोदाम कर्मचारियों ने शुरुआत में सीढ़ियों के नीचे दो सांप देखे थे, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग ने बिना देर किए वाइल्डलाइफ एसओएस की आगरा हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर संपर्क किया। सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट मौके पर पहुंच गई।
तीसरा सांप भी छिपा मिला, रेस्क्यू टीम ने दिखाई सूझबूझ
रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सीढ़ियों के नीचे बने हिस्से का गहन निरीक्षण किया। इसी दौरान टीम को दो नहीं बल्कि तीसरा सांप भी छिपा हुआ मिला। विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से तीनों कॉमन सैंड बोआ सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया।
बचाव के बाद तीनों सांपों को वाइल्डलाइफ एसओएस ट्रांजिट फैसिलिटी में निगरानी के लिए रखा गया और बाद में उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
गैर विषैले होते हैं कॉमन सैंड बोआ
विशेषज्ञों के अनुसार कॉमन सैंड बोआ (एरीक्स कोनिकस) एक गैर विषैली प्रजाति का सांप है, जो आमतौर पर बिल खोदकर अंधेरे, शांत और ठंडे स्थानों में छिपना पसंद करता है। गोदाम, भंडारण स्थल और कृषि क्षेत्र इनके पसंदीदा आश्रय स्थल माने जाते हैं। गर्मियों में यह प्रजाति शरीर का तापमान नियंत्रित करने के लिए ठंडी सतहों की तलाश करती है।
हालांकि यह सांप मनुष्यों के लिए पूरी तरह हानिरहित होते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग अक्सर डर जाते हैं।
ये सांप किसानों और गोदाम कर्मचारियों के मित्र
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि कॉमन सैंड बोआ सांप जहरीले नहीं होते और चूहों की आबादी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने गोदाम कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि सांपों को नुकसान पहुंचाने के बजाय सूचना देना जिम्मेदार व्यवहार का परिचायक है।
जागरूकता बढ़ना सकारात्मक संकेत
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि ये सांप केवल आश्रय की तलाश में गोदाम में पहुंचे थे और इनसे किसी प्रकार का खतरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि गैर विषैले सांपों को लेकर लोगों में बढ़ती जागरूकता वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
भीषण गर्मी में गोदाम बन रहे वन्यजीवों का आश्रय
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी. ने बताया कि गर्मी के मौसम में गोदाम और भंडारण स्थल वन्यजीवों के लिए अस्थायी आश्रय बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग और रेस्क्यू टीम के बीच त्वरित समन्वय ही वन्यजीवों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करता है।