सरकार ने खारिज किए एलन मस्क के आरोप, पर एलन मस्क ने फिर उठाया सवाल - क्या अंबानी भारत के असली बॉस?
स्टारलिंक को रोकने के आरोपों को सरकार की ओर से खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद एलन मस्क ने फिर सवाल उठाया है। इस बार उनके तेवर और तीखे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है।
नई दिल्ली। एलन मस्क के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। भारत में स्टारलिंक के रास्ते में आ रही रुकावटों पर उनके बार-बार प्रतिक्रिया देने से मामले ने तूल पकड़ लिया है। रेगुलेटरी भेदभाव के उनके आरोपों को सरकार ने खारिज किया है। लेकिन, ऐसा होने के कुछ घंटों बाद ही इस अरबपति ने भारत के टेलीकॉम सेक्टर पर एक और तीखा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा- 'क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?'
मस्क ने सवाल किया कि रेगुलेटर्स के साथ बातचीत और नियमों का पालन करने के बावजूद स्टारलिंक को भारत में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए अभी भी क्यों इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने भारत के टेलीकॉम पावर स्ट्रक्चर पर भी निशाना साधा। पूछा कि क्या अरबपति मुकेश अंबानी असल में फैसले ले रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एलन मस्क ने लिखा- 'स्टारलिंक के पास 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस है। उसने भारत सरकार के हर कानून और जरूरत को पूरा करने में पांच साल बिताए हैं तो अभी भी लाइसेंस क्यों नहीं मिला?'
यह घटनाक्रम संचार मंत्रालय की ओर से मस्क के उन आरोपों को खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद हुआ है जिनमें उन्होंने कहा था कि देश का सैटेलाइट कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क भेदभावपूर्ण है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो के जरिए जारी एक बयान में सरकार ने कहा कि उसका रेगुलेटरी सिस्टम 'निष्पक्ष और भेदभाव-रहित' है। इसके उलट किसी भी सुझाव को 'बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित' बताया।
मस्क की हालिया प्रतिक्रिया उनके पहले के उस आरोप के बाद आई हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ अज्ञात 'बड़े उद्योगपति' (ओलिगार्क्स) भारतीय टेलीकॉम मार्केट पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को भारत से बाहर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
मस्क ने 'एक्स' पर लिखा था, 'दुर्भाग्य से कुछ बड़े उद्योगपति भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए हमें रोक रहे हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं...'
उन्होंने उस पोस्ट में अंबानी या किसी अन्य व्यक्ति का नाम नहीं लिया था। हालांकि, अंबानी के बारे में उनकी हालिया प्रतिक्रिया ने रिलायंस जियो को सीधे इस बहस में शामिल कर दिया है।
भारत के टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा है। दोनों कंपनियां सैटेलाइट कम्युनिकेशन की दौड़ में भी शामिल हैं। जियो सैटेलाइट सर्विस देने की कोशिश कर रही है। भारती एयरटेल-समर्थित यूटेलसैट वनवेब भी उन कंपनियों में शामिल है जो भारतीय मार्केट में उतरने की कोशिश कर रही हैं।