श्रीजगन्नाथ मंदिर के स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन, सुर्ख गोटा-पत्ती पोशाक में सजे प्रभु ने मोहा भक्तों का मन

आगरा। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के 16वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगन्नाथ पुरी से 16 वर्ष पहले बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ विराजे श्रीजगन्नाथ जी को भक्तों द्वारा दो माह में तैयार की गई सुर्ख रंग की गोटा-पत्ती की पोशाक से भव्य श्रृंगार किया गया। गुलाबी साज-सज्जा, फूलों और गुब्बारों से सजे मंदिर परिसर में दिनभर भगवान के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने घरों से बनाकर लाए विभिन्न व्यंजनों से भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया और हरे राम, हरे कृष्ण के संकीर्तन में भाव-विभोर होकर हिस्सा लिया।

Sep 1, 2026 - 22:02
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श्रीजगन्नाथ मंदिर के स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन, सुर्ख गोटा-पत्ती पोशाक में सजे प्रभु ने मोहा भक्तों का मन
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के 16वें स्थापना दिवस पर सुर्ख गोटा-पत्ती पोशाक में दर्शन देते प्रभु।

कमला नगर स्थित मंदिर में स्थापना दिवस के अवसर पर भगवान श्रीजगन्नाथ जी को सुर्ख रंग की आकर्षक गोटा-पत्ती की पोशाक पहनाई गई। पोशाक को भक्तों ने करीब दो माह की मेहनत से तैयार किया था। भगवान जगन्नाथ के साथ बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का भी भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को गुलाबी सजावट के साथ नीले और पीले रंग के पुष्पों तथा गुब्बारों से सजाया गया। फूलों की सुगंध और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

वृंदावन से आए प्रभु हरविजय दास ने मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा के संस्मरण भक्तों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि भगवान से नाता जोड़ने के साथ ही सभी भक्तों के प्रति प्रेम और आदरपूर्ण व्यवहार करना भी जरूरी है। जो भगवान के साथ पूरी दुनिया से प्रेम करता है, वही प्रथम श्रेणी का भक्त है। उन्होंने कहा कि केवल पूजा-पाठ, तपस्या और व्रत ही भक्ति का आधार नहीं हैं, बल्कि जीवन में सरलता और कुशल व्यवहार भी भगवान की प्राप्ति का मार्ग आसान बनाते हैं। दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना ही जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है।

मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने कहा कि शास्त्रों के अध्ययन और जरूरतमंदों को दान देने के लिए हमेशा संतुष्ट भाव रखना चाहिए। अहंकार से दूर रहकर भगवान के प्रति समर्पित भाव रखना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान ने उस भक्त को अपना प्रिय बताया है, जिसने अपना मन और बुद्धि उन्हें अर्पित कर दी है।

स्थापना दिवस पर भक्तों ने सामूहिक रूप से ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन किया। इसके बाद फूल बंगला सजाया गया और भंडारे का आयोजन हुआ। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर के 16 वर्षों की यात्रा से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।

आयोजन में संजीव मित्तल, नितेश अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, राजेश गर्ग, संजीव बंसल, कमता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव मल्होत्रा, अदिति गौरांगी, विपिन अग्रवाल और देव केशव सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor