डीईआई में योग, साधना और संस्कार का महाकुंभ, 300 से अधिक साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, 82 वर्षीया योग साधिका सहित उत्कृष्ट प्रतिभागियों का हुआ सम्मान

आगरा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) के विज्ञान संकाय प्रांगण में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन आध्यात्मिक वातावरण, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। परम श्रद्धेय ग्रेशस हुजूर परम वंदनीय रानी साहिबा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर 300 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में योग के साथ नशामुक्ति का संकल्प भी दिलाया गया।

Jun 21, 2026 - 22:22
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डीईआई में योग, साधना और संस्कार का महाकुंभ, 300 से अधिक साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, 82 वर्षीया योग साधिका सहित उत्कृष्ट प्रतिभागियों का हुआ सम्मान
दयालबाग शिक्षण संस्थान में योग दिवस पर योगाभ्यास करते विद्यार्थी, कर्मचारी और शिक्षक।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना से हुआ। इसके बाद संस्थान की छात्राओं ने एनएसएस लक्ष्य गीत की प्रेरणादायी प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया। योग शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, नॉन-टीचिंग कर्मचारियों तथा योग साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

योग प्रशिक्षिका श्रीमती संगीता सिन्हा ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराते हुए उनके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को निरोग, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है तथा योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. सत्संगी, मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, सरन आश्रम हॉस्पिटल, दयालबाग ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने योग की वैदिक परंपरा, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व तथा आधुनिक समय में उसकी वैश्विक स्वीकार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है, जिसका वैज्ञानिक महत्व भी पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।

योग प्रदर्शन में उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को संस्थान के कुलसचिव प्रोफेसर संजीव स्वामी जी ने सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती विजय नंदिनी (लखनऊ), जिन्होंने 82 वर्ष की आयु में प्रेरणादायी योग प्रदर्शन किया, श्री विजय कुमार, श्री राजनाथ यादव, श्रीमती रेनू बाला (राजस्थान), वाणी, आरत, शब्द स्वरूप, मुक्ति साहनी, प्रेम भंडारी तथा सबसे छोटी प्रतिभागी आरती शामिल रहीं।

कार्यक्रम में डॉ. सीमा कश्यप को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं योग प्रशिक्षिका श्रीमती संगीता सिन्हा एवं डॉ. एस.डी. सिन्हा को योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के "नशा मुक्त भारत अभियान" (17 जून से 26 जून) के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा सभी ने नशामुक्त जीवन अपनाने की शपथ ली।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रोग्राम कन्वीनर डॉ. सतीश कुमार, डॉ. रंजीत कुमार, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. सनिल कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन डॉ. कविता रायजादा, डॉ. मोनिका एवं डॉ. दीपिका चौहान ने प्रभावशाली ढंग से किया।

समापन अवसर पर संस्थान निदेशक प्रोफेसर सी. पटवर्धन जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए योग को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने और स्वस्थ, अनुशासित तथा सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय गान एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

SP_Singh AURGURU Editor