आगरा में जैन संतों का महामिलन: छीपीटोला में एक मंच पर आए तीन संघ, जय-जय गुरुदेव से गूंजा शहर

आगरा। आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मंगलवार को उस समय आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन गया, जब अंकलीकर परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर महाराज ससंघ, स्थविर संत श्री सुरत्न सागराचार्य महाराज ससंघ तथा मुनिश्री समत्व सागर महाराज एवं मुनिश्री शीलसागर महाराज ससंघ का ऐतिहासिक वात्सल्य मंगल मिलन हुआ। श्रद्धा, स्नेह और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर इस दुर्लभ अवसर पर हजारों श्रद्धालु साक्षी बने। संतों के मिलन के साथ पूरा वातावरण 'जय-जय गुरुदेव' और 'जय जिनेन्द्र' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

Jul 14, 2026 - 20:42
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आगरा में जैन संतों का महामिलन: छीपीटोला में एक मंच पर आए तीन संघ, जय-जय गुरुदेव से गूंजा शहर
छीपीटोला में मंगलवार को जैन संतों के महामिलन की एक झलक।

मंगलवार सुबह 7 बजे अंकलीकर परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर महाराज एवं स्थविर संत श्री सुरत्न सागराचार्य महाराज ने अपने-अपने संघ के साथ ताजगंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार प्रारंभ किया। बैंड-बाजों, धर्मध्वजाओं और जयघोष के बीच यह विहार बिजलीघर चौराहे सहित विभिन्न मार्गों से होकर छीपीटोला जैन मंदिर पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का भव्य स्वागत किया।

छीपीटोला जैन मंदिर के बाहर मुनिश्री समत्वसागर महाराज एवं मुनिश्री शीलसागर महाराज ससंघ ने वात्सल्य भाव से आचार्य श्री सौभाग्य सागर महाराज ससंघ का मंगल स्वागत किया। जैसे ही तीनों संघ आमने-सामने आए, पूरा परिसर आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। श्रद्धालुओं ने विनयपूर्वक वंदना कर आचार्य एवं मुनिसंघ से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक वात्सल्य मंगल मिलन को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

मंगल मिलन के उपरांत जिनाभिषेक दर्शन संपन्न हुए। इसके बाद तीनों संघ एक साथ निर्मल सदन के लिए मंगल विहार करते हुए धर्मसभा स्थल पहुंचे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का अभिनंदन किया और धर्ममय वातावरण बनाए रखा।

इस अवसर पर छीपीटोला पंचायती मंदिर कमेटी एवं आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारियों ने अंकलीकर परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर महाराज के चरणों का प्रक्षालन कर श्रद्धापूर्वक वंदन किया। साथ ही समस्त आचार्य संघ को शास्त्र भेंट कर गुरु परम्परा के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।

निर्मल सदन में आयोजित विशाल धर्मसभा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री समत्व सागर महाराज ने कहा कि गुरु परम्परा का वात्सल्य और संतों का आपसी स्नेह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। जब संत एक मंच पर विराजमान होते हैं, तब समाज को धर्म, अनुशासन, संस्कार और संगठन की नई दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म साधना, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए इस ऐतिहासिक वात्सल्य मंगल मिलन को समाज की एकता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बताया।

धर्मसभा के दौरान जयपुर हाउस जैन समाज ने अंकलीकर परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर महाराज ससंघ के चरणों में श्रीफल भेंट कर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जयपुर हाउस में मंगल चातुर्मास करने का विनम्र निवेदन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए स्थविर संत श्री सुरत्न सागराचार्य महाराज ने कहा कि संतों का मिलन केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि धर्म, संस्कार और आत्मजागरण का महापर्व होता है। ऐसे दुर्लभ अवसर समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्ममय जीवन अपनाने और संयम के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस ऐतिहासिक वात्सल्य मंगल मिलन में आगरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने इसे आगरा जैन समाज के लिए ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय अवसर बताया और तीनों संघों से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन पंडित विजय जैन ने किया। इस अवसर पर मनोज जैन बल्लो, मुरारीलाल जैन, दीपक जैन, जगदीश प्रसाद जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, अभिषेक जैन, आशु बाबा, सतेन्द्र जैन, राकेश जैन परर्देवाले, दीपक जैन, सुबोध पाटनी, नीरज जैन (जिनवाणी चैनल), राजीव जैन, दिलीप जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, समस्त एनसीसी क्लब छीपीटोला के सदस्य तथा छीपीटोला जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor