गुजरात एटीएस ने यूपी के दो समेत तीन आतंकी किए गिरफ्तार, चीन से एमबीबीएस कर चुका डॉक्टर निकला मास्टरमाइंड
नई दिल्ली। गुजरात एटीएस ने रविवार को एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। एटीएस ने यूपी के दो युवकों समेत तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आतंकी डॉक्टर है, जिसने चीन से एमबीबीएस की डिग्री ली है और आईएसआईएस से जुड़ा बताया जा रहा है।
आईएसआईएस से जुड़ा मॉड्यूल, देश के कई हिस्सों में हमलों की साजिश, हथियार, कारतूस और केमिकल्स बरामद
नई दिल्ली। गुजरात एटीएस ने रविवार को एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। एटीएस ने यूपी के दो युवकों समेत तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आतंकी डॉक्टर है, जिसने चीन से एमबीबीएस की डिग्री ली है और आईएसआईएस से जुड़ा बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आतंकियों के नाम अहमद मोहियुद्दीन सैयद (35) निवासी हैदराबाद, आजाद सुलेमान शेख (20) निवासी शामली (उत्तर प्रदेश) और मोहम्मद सहूल (23) निवासी लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) हैं । एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद को अहमदाबाद के अडालज टोल प्लाजा से, जबकि आजाद और सहूल को बनासकांठा से गिरफ्तार किया है ।
डॉक्टर निकला आईएसआईएस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड
एटीएस के अनुसार अहमद मोहियुद्दीन सैयद पेशे से डॉक्टर है। उसने चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई की और भारत लौटने के बाद आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल (आइएसकेपी ) से जुड़ गया। एटीएस को लंबे समय से उसके आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। पुख्ता इनपुट मिलने पर रविवार सुबह टीम ने कार्रवाई की।
कार से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद
अहमदाबाद-महेसाणा रोड पर अडालज टोल प्लाजा के पास एटीएस ने एक फोर्ड फिगो कार को रोका। जांच में कार से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 कारतूस और चार लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुआ। पूछताछ में अहमद ने बताया कि उसने हथियारों का एक और जखीरा कलोल के पास एक कब्रिस्तान जैसी जगह पर छिपाया था। उसके पास से बरामद मोबाइल डेटा की जांच में पाकिस्तानी नागरिकों से संपर्क और “राइगिन” नामक विस्फोटक यंत्र बनाने की योजना का खुलासा हुआ।
यूपी के दोनों आतंकी करते थे हथियार सप्लाई
पूछताछ में अहमद ने बताया कि उसके साथी आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सहूल उसे हथियार सप्लाई करते थे। एटीएस ने इन दोनों को बनासकांठा से पकड़ा। उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार खरीदे और लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद की कई संवेदनशील जगहों की रेकी की थी। तीनों आतंकियों का संपर्क अबू खदीजा नामक आतंकी से था, जो आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) से जुड़ा है। अबू खदीजा पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार भेजता था।
पहले भी एटीएस कर चुकी है आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़
गौरतलब है कि गुजरात एटीएस ने अगस्त में भी चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जो अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े थे। ये संदिग्ध सोशल मीडिया ऐप्स और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
गुजरात एटीएस की विशेष टीमें जुटीं जांच में
एटीएस के डीएसपी एसएल चौधरी को अहमद के छिपे होने की सूचना मिली थी। एसपी के. धस्सधार्या के निर्देशन में डीएसपी चौधरी की अगुवाई में कार्रवाई की गई। बाद में डीएसपी केपी पटेल और वीके परमार की टीम ने यूपी के दोनों आतंकियों को भी दबोच लिया। तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अहमद मोहियुद्दीन सैयद को 17 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
देशभर में अलर्ट जारी, एटीएस कर रही नेटवर्क की पड़ताल
केंद्रीय एजेंसियां अब इन तीनों आतंकियों के विदेशी कनेक्शन, फंडिंग चैनल और ट्रेनिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं। एटीएस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़ी और गिरफ्तारियां संभव हैं।