'विजयपुर सीकरी' नामकरण विवाद में सुनवाई आगे बढ़ी, के.के. मोहम्मद पक्ष ने जवाब के लिए मांगा समय, अब 10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
आगरा। ऐतिहासिक विजयपुर सीकरी नामकरण विवाद से जुड़े बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन), एफटीसी की अदालत में सुनवाई हुई। योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट से जुड़े केस संख्या-1049/2024, अजय प्रताप सिंह बनाम के.के. मोहम्मद आदि में विपक्ष की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त के लिए निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि विपक्षी के.के. मोहम्मद की ओर से अधिवक्ता विवेक कुमार शर्मा ने वाद से संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों की छायाप्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर वादी पक्ष ने सभी साक्ष्यों की छायाप्रति विपक्षी अधिवक्ता को उपलब्ध करा दी।
इसके बाद विपक्षी अधिवक्ता विवेक कुमार शर्मा ने न्यायालय से लिखित जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने अगली सुनवाई 10 अगस्त तय कर दी।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने दावा किया कि सीकरी का मूल नाम विजयपुर सीकरी था और इस नगर की स्थापना सिकरवार राजाओं ने की थी। उनके अनुसार, राजा विजय सिंह सिकरवार के नाम पर इस नगर का नाम विजयपुर सीकरी पड़ा था। बाद में मुस्लिम इतिहासकारों ने इसे फतहपुर सीकरी लिखना शुरू किया।
अजय प्रताप सिंह का कहना है कि आज भी पुराने राजस्व अभिलेखों में नगर का नाम 'फतहपुर सीकरी' दर्ज है, जबकि 'फतेहपुर सीकरी' नाम दर्ज नहीं है। उनका यह भी दावा है कि 'विजय' शब्द का उर्दू-फ़ारसी रूप 'फतह' होता है, जिसके आधार पर ऐतिहासिक नाम में परिवर्तन किया गया।
अब इस बहुचर्चित मामले में दोनों पक्षों के तर्कों और दस्तावेजों पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।