आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिवाजी मंडपम में हाई-प्रोफाइल चोरी, बिना तोड़फोड़ के लाखों की कॉपर केबल गायब
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम में एसी सिस्टम की करीब 300 मीटर कॉपर केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि भवन के सभी ताले सुरक्षित मिले, जिससे चोरी में अंदरूनी लोगों की भूमिका की आशंका गहरा गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने दो कर्मचारियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
आगरा। आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा किसी शैक्षणिक या सांस्कृतिक आयोजन को लेकर नहीं, बल्कि एक ऐसी चोरी को लेकर है जिसने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंडपम की दूसरी मंजिल पर स्थापित एयर कंडीशनिंग सिस्टम से जुड़ी करीब 300 मीटर लंबी कॉपर केबल अचानक गायब मिली। जब अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो पता चला कि केबल को व्यवस्थित तरीके से काटकर निकाला गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोरी की गई केबल की कीमत लाखों रुपये तक हो सकती है।
ताले नहीं टूटे, इसलिए बढ़ा शक
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि भवन के किसी भी दरवाजे या प्रवेश द्वार का ताला टूटा हुआ नहीं मिला। सभी ताले सामान्य स्थिति में पाए गए। यही कारण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों इस घटना को सामान्य चोरी नहीं मान रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि चोरी करने वालों को भवन की संरचना, एसी सिस्टम और वहां तक पहुंचने के रास्तों की पूरी जानकारी थी। बिना किसी बाधा के इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर केबल निकाल लेना अंदरूनी मदद की संभावना को मजबूत करता है।
9 जून की रात से 10 जून की भोर के बीच वारदात
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि चोरी की यह घटना 9 जून की देर रात से 10 जून की सुबह के बीच हुई। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने मंडपम की दूसरी मंजिल तक पहुंचकर एसी लाइन में लगी कॉपर केबल काट ली। सूत्रों के अनुसार केबल निकालने के लिए सीढ़ियों वाले हिस्से का उपयोग किया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतनी भारी और लंबी केबल को परिसर से बाहर ले जाने के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी या कर्मचारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
दो कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में दो कर्मचारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। बताया गया है कि मंडपम की चाबियों की जिम्मेदारी कर्मचारी सत्यप्रकाश चौहान के पास रहती है। वह परिसर में ही निवास करता है और भवन की निगरानी एवं देखरेख से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत धीरज कुमार भी जरूरत पड़ने पर मंडपम को खोलने और बंद कराने की जिम्मेदारी निभाता है। प्रशासन ने इन्हीं तथ्यों के आधार पर दोनों को जांच के दायरे में शामिल किया है।
छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
न्यू आगरा थाना पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें सत्यप्रकाश चौहान, धीरज कुमार, हिन्द सिक्योरिटी फोर्स से जुड़े दो अज्ञात सुरक्षाकर्मी, दो अन्य अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि चोरी में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय यही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर केबल परिसर से बाहर कैसे ले जाई गई और सुरक्षा तंत्र को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉपर केबल की चोरी सामान्यतः सुनियोजित तरीके से की जाती है, क्योंकि इसे निकालने, समेटने और बाहर ले जाने में पर्याप्त समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है।
सीसीटीवी फुटेज से खुल सकते हैं राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि फुटेज और कॉल डिटेल्स से कई अहम सुराग मिल सकते हैं। यदि अंदरूनी मिलीभगत साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।