डॉ. हेडगेवार महानाट्य में जीवंत होगा संघ स्थापना का इतिहास, कल आगरा के सूरसदन में 50 कलाकारों की भव्य प्रस्तुति
आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में भव्य महानाट्य "युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार : संघ सृजन का भाव नाट्य आविष्कार" का मंचन किया जाएगा। लगभग 50 कलाकारों की टीम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, संघर्ष, राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा को मंच पर साकार करेगी। आयोजन से पूर्व शनिवार को संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में कलाकारों का परिचय, कार्यक्रम की जानकारी एवं आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम समन्वयक एवं भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. तरुण शर्मा ने बताया कि महानाट्य के माध्यम से डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के इतिहास को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति भारतीय इतिहास के अनेक ऐसे पहलुओं से दर्शकों को परिचित कराएगी, जिनकी जानकारी बहुत कम लोगों को है।
प्रांतीय संरक्षक डॉ. कैलाश चंद सारस्वत ने बताया कि कार्यक्रम रविवार, 21 जून को शाम 5 बजे सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रज प्रांत के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र जी होंगे। वरिष्ठ समाजसेवी किशोर खन्ना उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पादुका एवं चर्म उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर करेंगे, जबकि स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, लेकिन प्रेक्षागृह की सीमित क्षमता और सुव्यवस्थित व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश केवल पास के माध्यम से ही दिया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि महानाट्य के लेखक पद्माकर धानोरकर, दिग्दर्शक डॉ. अजय प्रधान तथा संगीत निर्देशक सुबोध सुरजीकर हैं। इस महानाट्य का निर्माण नागपुर की संस्था 'नाद ब्रह्म' ने किया है, जबकि इसकी मंचीय प्रस्तुति 'युग संधान' द्वारा की जा रही है।
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध रंगकर्मी सतीश खेकाले महानाट्य में डॉ. हेडगेवार की मुख्य भूमिका निभाएंगे। विशेष बात यह है कि वे डॉ. हेडगेवार के युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था के विभिन्न जीवन प्रसंगों का अभिनय स्वयं करेंगे, जिससे दर्शकों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को निकटता से जानने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार लगभग 50 कलाकारों की टीम इस महानाट्य का मंचन करेगी। संघ के शताब्दी वर्ष के शुभारंभ पर तैयार किए गए इस नाटक का पिछले एक वर्ष में देश के 100 से अधिक शहरों में सफल मंचन हो चुका है और इसे दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला है।
वक्ताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली, राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान, सेवा कार्यों और संगठनात्मक क्षमता से परिचित कराने के उद्देश्य से इस महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। लगभग दो घंटे दस मिनट की यह प्रस्तुति दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखेगी।
आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में टीटू गोयल, आशीष अग्रवाल, प्रशांत शर्मा, रोहित पुरी, मनोज गोला, विष्णु गर्ग, हर्ष बक्शी, तुषार जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।