आगरा में होमगार्ड की लिखित परीक्षा शुरू, तीन दिन तक हर रोज दो पालियों में होगी परीक्षा, हर रोज हजारों की अतिरिक्त भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमराने का खतरा!

आगरा। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन शहर में अभ्यर्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव देखने को मिला। 25, 26 और 27 अप्रैल तक चलने वाली इस लिखित परीक्षा के लिए जनपद में 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 75,168 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब 25 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे और उनके साथ आए परिजनों को मिलाकर शहर में रोजाना लगभग 40-50 हजार अतिरिक्त लोगों की मौजूदगी रहेगी।

Apr 25, 2026 - 12:39
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आगरा में होमगार्ड की लिखित परीक्षा शुरू, तीन दिन तक हर रोज दो पालियों में होगी परीक्षा, हर रोज हजारों की अतिरिक्त भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमराने का खतरा!
होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए शहर के एक परीक्षा केंद्र पर पंक्तिबद्ध खड़े परीक्षार्थी।

परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करते पुलिसकर्मी।

शनिवार को पहले दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए, जहां सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल और अपर पुलिस आयुक्त राम मदन सिंह ने एक दिन पूर्व ही विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। प्रशासन ने दावा किया है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।

वहीं, अचानक बढ़ी भीड़ ने शहर की पहले से जर्जर यातायात व्यवस्था को और मुश्किल में डाल दिया है। मेट्रो निर्माण और अन्य सड़क कार्यों के चलते शहर की कई प्रमुख सड़कें पहले से ही संकरी और बाधित हैं। ऐसे में भारी संख्या में अभ्यर्थियों और वाहनों की आवाजाही से तीनों दिन जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थिति को संभालने के लिए यूपी रोडवेज ने आगरा के लिए 2008 अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है। ये बसें आईएसबीटी, बिजलीघर और ईदगाह बस अड्डों से चलाई जा रही हैं, जो फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, अलीगढ़, मथुरा समेत आसपास के जिलों को जोड़ रही हैं।

हालांकि यातायात पुलिस ने व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि शहर पर अचानक बढ़ा यह दबाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

SP_Singh AURGURU Editor