मोबाइल गेम का खौफनाक अंत: गाजियाबाद में कोरियन लव गेम की लत में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंज़िल से लगाई छलांग, सुसाइट नोट में लिखा- ‘मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे‘

गाजियाबाद। मोबाइल गेम की लत ने एक परिवार को ऐसा ज़ख़्म दिया है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है। गाजियाबाद के भारत सिटी बी-1 टॉवर में रहने वाली तीन सगी बहनों- निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंज़िल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की है। पुलिस के अनुसार, तीनों बच्चियों ने कमरे को अंदर से बंद किया, स्टूल लगाया और एक-एक कर बालकनी से छलांग लगा दी।

Feb 4, 2026 - 13:06
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मोबाइल गेम का खौफनाक अंत: गाजियाबाद में कोरियन लव गेम की लत में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंज़िल से लगाई छलांग, सुसाइट नोट में लिखा- ‘मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे‘
सुसाइड करने वाली तीनों बहनों द्वारा छोड़े सुसाइड नोट का एक अंश।

पुलिस को मौके से 18 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बच्चियों ने लिखा- ‘मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे।‘
नोट में आत्महत्या और मोबाइल गेम के बीच सीधा संबंध बताया गया है।

गाजियाबाद में नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने के घटनास्थल की कुछ तस्वीरें।  

घटना फ्लैट नंबर 907 की है। परिवार के मुताबिक, रात में बच्चियां अपने कमरे में सोई थीं। पिता चेतन अपनी दोनों पत्नियों, 7 साल के बेटे और 3 साल की बेटी के साथ दूसरे कमरों में थे। अचानक तेज़ आवाज़ सुनाई दी। परिजन दौड़े तो देखा कि बच्चियों का कमरा अंदर से बंद था। दौड़कर नीचे पहुंचे, जहां तीनों बच्चियां ज़मीन पर पड़ी मिलीं।

एसपी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, रात 2:18 बजे पुलिस को सूचना मिली। करीब 80 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण तीनों गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पिता चेतन का कहना है कि तीनों बेटियां टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की आदी थीं। पिछले 3 साल से गेम खेल रही थीं। 2 साल से स्कूल जाना छोड़ दिया था। हर वक्त तीनों एकसाथ रहती थीं—नहाना, टॉयलेट जाना, सब साथ। बाहरी लोगों से बातचीत लगभग बंद दी थी। अक्सर कहती थीं- हमें कोरिया जाना है।

चेतन के मुताबिक, बीच वाली बेटी प्राची गेम में डेथ कमांडर की भूमिका निभाती थी और बाकी दोनों को टास्क देती थी। दोनों उसकी हर बात मानती थीं। जब परिजन कमरे में जाते, तो तीनों कमरा बदल लेती थीं।

परिवार की पृष्ठभूमि

मृत बच्चियों के पिता: चेतन हैं। वे ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं और मूल रूप से खजूरी, दिल्ली के निवासी हैं। चेतन की दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी से संतान नहीं होने पर उन्होंने उसकी बहन (साली) से दूसरी शादी की थी। दूसरी पत्नी से निशिका और प्राची का जन्म हुआ। बाद में पहली पत्नी से भी एक बेटी और दूसरी पत्नी से एक बेटी और एक बेटा हुआ। घर में तीन कमरे और एक हॉल हैं।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया गया, इसकी गहन जांच जारी है।

पिता की अपील बच्चों को मोबाइल गेम की लत न लगने दें

चेतन ने कहा कि अपने बच्चों को मोबाइल गेम की लत से दूर रखें। कौन-सा टास्क दिया जा रहा है, यह पता नहीं चलता। अगर हमें पहले पता होता, तो गेम खेलने ही नहीं देते।”

यदि किसी बच्चे या किशोर में गेम/मोबाइल को लेकर असामान्य व्यवहार दिखे, जैसे अलग-थलग रहना, पढ़ाई छोड़ना, आदेशात्मक भाषा महसूस हो तो तुरंत परामर्श लें। संकट की स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन/मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क करें।

SP_Singh AURGURU Editor