मृत्यु के बाद भी अमर हुई इंसानियत, मधुर जैन के नेत्रदान से दो लोगों की दुनिया होगी रोशन

आगरा। मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल कायम करते हुए पश्चिमपुरी, बोदला निवासी 51 वर्षीय मधुर जैन के परिजनों ने उनका नेत्रदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हेल्प आगरा के सहयोग और एस.एन. मेडिकल कॉलेज की आई बैंक टीम की सक्रियता से दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए गए, जिनसे अब दो दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी लौट सकेगी। सामाजिक संगठनों ने इसे मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य बताते हुए लोगों से जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की है।

Jun 16, 2026 - 12:27
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मृत्यु के बाद भी अमर हुई इंसानियत, मधुर जैन के नेत्रदान से दो लोगों की दुनिया होगी रोशन
स्व. मधुर जैन।

परिजनों ने निभाया मानवता का सबसे बड़ा धर्म

पश्चिमपुरी, बोदला निवासी 51 वर्षीय मधुर जैन, स्वर्गीय विनोद कुमार जैन के पुत्र थे। सोमवार को उनके निधन के बाद शोक की घड़ी में भी परिवार ने समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिवार ने हेल्प आगरा के देहदान एवं नेत्रदान प्रभारी प्रतीक जैन से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई।

एस.एन. मेडिकल कॉलेज की टीम ने पूरी की प्रक्रिया

सूचना मिलते ही एस.एन. मेडिकल कॉलेज की आई बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में ग्रीफ काउंसलर दीपक शर्मा तथा चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त कर नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।

दान किए गए दोनों कॉर्निया अब दो ऐसे लोगों के प्रत्यारोपण में उपयोग किए जाएंगे, जो वर्षों से दृष्टिहीनता का जीवन जी रहे हैं। इस नेत्रदान से दो परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और उजाला आने की संभावना है।

हेल्प आगरा ने समाज से की भावुक अपील

हेल्प आगरा के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महासचिव गौतम सेठ अग्रवाल, देहदान एवं नेत्रदान प्रभारी प्रदीप जैन तथा मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल ने कहा कि नेत्रदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है। उन्होंने लोगों से अपने जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प लेने तथा अपने परिजनों को भी मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।

हेल्प आगरा ने बताया कि नेत्रदान संबंधी जानकारी अथवा सहायता के लिए इच्छुक व्यक्ति 9319111000 पर संपर्क कर सकते हैं। संस्था लगातार समाज में नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूकता अभियान चला रही है।

SP_Singh AURGURU Editor