सैकड़ों किसान आगरा के सर्किट हाउस पहुंचे, लेकिन ऐन वक्त पर टल गई बैठक, अब इसी सप्ताह कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में होगा इनर रिंग रोड लैंड पार्सल तृतीय चरण की अधिग्रहीत जमीन फैसला
आगरा। इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल तृतीय चरण की अधिग्रहीत जमीन वापस किए जाने की मांग को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच प्रस्तावित बैठक गुरुवार को एक बार फिर स्थगित हो गई। मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस के कारण बैठक नहीं हो सकी। इससे नाराज सैकड़ों किसान सर्किट हाउस पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट अजय शुक्ला ने उन्हें आश्वस्त किया कि इसी सप्ताह प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य की मौजूदगी में अधिकारियों और किसानों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
इनर रिंग रोड एवं लैंड पार्सल तृतीय चरण में अधिग्रहीत भूमि वापस करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों को गुरुवार को भी निराशा हाथ लगी। बैठक निरस्त होने की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में किसान सर्किट हाउस पहुंचे और जल्द समाधान की मांग उठाई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि अगली बैठक में सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे और किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की वीसी के कारण टली बैठक
किसानों और अधिकारियों के बीच प्रस्तावित बैठक मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के कारण स्थगित कर दी गई। प्रशासन के अनुसार अब इसी सप्ताह सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होगी। बैठक में आयुक्त, जिलाधिकारी, आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए), वीसी, एसएलओ, एसडीएम सदर तथा तहसीलदार सदर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे।
16 साल से न्याय का इंतजार: श्याम सिंह चाहर
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि इस मामले को 16 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को आज तक न्याय नहीं मिला। उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 24 में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्धारित परिस्थितियों में किसानों की जमीन वापस की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोहता क्षेत्र के किसानों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही उनकी जमीन वापस की गई। उन्होंने कहा कि एडीए किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय भू-माफिया की तरह कार्य कर रहा है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
सरकार का फैसला स्वीकार, अधिकारियों का नहीं: लाखन सिंह त्यागी
किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने कहा कि किसान उत्तर प्रदेश सरकार और कैबिनेट मंत्री के निर्णय का सम्मान करेंगे, लेकिन किसी अधिकारी के एकतरफा निर्णय को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया भरोसा
सिटी मजिस्ट्रेट अजय शुक्ला किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें आश्वस्त किया कि बैठक केवल स्थगित हुई है, रद्द नहीं। उन्होंने कहा कि जल्द नई तिथि घोषित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और सभी संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं तथा किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय का प्रयास किया जाएगा।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान
सर्किट हाउस पहुंचे किसानों में लाखन सिंह, नागेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, रामू चौधरी, विजय सिंह, सत्यप्रकाश, भूरा सिंह, श्रीचंद चौधरी, निरोत्तम शर्मा, डॉ. महावीर चाहर, देवेंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार, विश्वार सिंह, संजीव सेठ, बसदेव कुशवाह, पप्पू शर्मा, अशोक कुमार, सलीम खां, देवेंद्र बघेल, चुन्नू बघेल, प्रदीप कुमार, पवन कुमार, राममोहन शर्मा, भोला जाट सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक जमीन वापसी या न्यायपूर्ण समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।