धान की भूसी के नीचे छिपी थी अवैध शराब, आगरा पुलिस ने खोली अंतरराज्यीय गिरोह की पोल

ट्रांस यमुना पुलिस ने 50 लाख रुपये की 350 पेटी अवैध शराब बरामद की। कैंटर से 325 और ब्रेजा कार से 25 पेटी शराब मिली। शराब को धान की भूसी के बोरों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। राजस्थान और हरियाणा के तीन आरोपी गिरफ्तार। पंजाब से झारखंड भेजी जा रही थी शराब की खेप। भूपेंद्र दहिया और दीपक नेटवर्क के मुख्य संचालक बताए गए, दोनों फरार। यूपी, बिहार और झारखंड तक फैले तस्करी नेटवर्क की जांच जारी।

Jun 25, 2026 - 18:11
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धान की भूसी के नीचे छिपी थी अवैध शराब, आगरा पुलिस ने खोली अंतरराज्यीय गिरोह की पोल
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50 लाख की 350 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई, 3 तस्कर गिरफ्तार, सरगना की तलाश 

आगरा। आगरा पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 50 लाख रुपये कीमत की 350 पेटी अवैध शराब बरामद की है। थाना ट्रांस यमुना पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि एक कैंटर और एक कार के जरिए भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर ट्रांस यमुना पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कैंटर से 325 पेटी और ब्रेजा कार से 25 पेटी शराब बरामद हुई। शराब की पेटियों को छिपाने के लिए उन पर धान की भूसी के बोरे रखे गए थे, ताकि पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि बरामद शराब पंजाब में निर्मित थी और उसे हरियाणा के सोनीपत से झारखंड भेजा जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि यह पूरी खेप शराब कारोबारी भूपेंद्र दहिया के निर्देश पर भेजी जा रही थी। वहीं दीपक नामक व्यक्ति पूरे नेटवर्क का संचालन और निगरानी कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बभूतराम निवासी बाड़मेर (राजस्थान), अनिल कुमार निवासी पानीपत (हरियाणा) और जगदीप निवासी पानीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। बभूतराम कैंटर चालक बताया गया है, जबकि अन्य आरोपी सप्लाई चेन और समन्वय का काम देख रहे थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर रास्ते भर मोबाइल कॉल और चैटिंग के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। नेटवर्क से जुड़े लोग शराब की खेप की लोकेशन और पुलिस गतिविधियों की जानकारी लगातार साझा करते थे, ताकि माल सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सके। अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह पंजाब से शराब लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। बरामद शराब, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी भूपेंद्र दहिया और दीपक निवासी खरखौदा, सोनीपत के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।