भारत का ग्रीस के साथ अहम रक्षा समझौता, तुर्की-पाक का समीकरण बिगड़ा
तुर्की-पाकिस्तान जहां एक ओर रहकर नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत ने ग्रीस के साथ अहम रक्षा सहयोग समझौता कर उसके इस समीकरण को बिगाड़ दिया है। भारततुर्की-पाकिस्तान जहां एक ओर रहकर नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत ने ग्रीस के साथ अहम रक्षा सहयोग समझौता कर उसके इस समीकरण को बिगाड़ दिया है। भारत ने यह कदम ऑपरेशन सिंदूर में तुर्की का पाकिस्तान को सपोर्ट के बाद उठाया है। ने यह कदम ऑपरेशन सिंदूर में तुर्की का पाकिस्तान को सपोर्ट के बाद उठाया है।
नई दिल्ली। तुर्की-पाकिस्तान के बीच और घनिष्ठ हो रहे संबंधों को काउंटर करने के लिए भारत ने ग्रीस के साथ डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग को बढ़ाने के लिए अहम रक्षा सहयोग समझौता किया है। ग्रीस (हेलेनिक रिपब्लिक) के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 9 फरवरी को ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं।
भारत और ग्रीस के बीच हुए इस रक्षा सहयोग समझौते में पांच साल का रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें रक्षा उद्योग, सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग शामिल है। नई दिल्ली का यह कदम तुर्की-पाकिस्तान के लिए टेंशन बढ़ा सकता है। खासकर पूर्वी भूमध्यसागर और दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। तुर्की ने हाल के भारत-पाकिस्तान संघर्ष (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था, जिसके जवाब में भारत ग्रीस के साथ करीब आया है।
बैठक में तय हुआ कि भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल और ग्रीस की 'एजेंडा-2030' रक्षा सुधार योजना को जोड़ते हुए दोनों देश अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योग को और मजबूत करेंगे। इसी दिशा में भारत और ग्रीस के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
दोनों रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने माना कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं। साथ ही, 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान भी किया गया, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा तय होगी। समुद्री मामलों पर भी दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच अच्छी समझ दिखाई दी।
भारत-ग्रीस के बीच हुए ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने, स्थिरता, स्वतंत्रता और दोनों देशों के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने पर फोकस किया गया है। इसमें पांच साल का रोडमैप तैयार किया गया।
समुद्री इलाके में जागरुकता बढ़ाने के लिए ग्रीस ने घोषणा की कि वह गुरुग्राम स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन में अपना एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी तैनात करेगा।
ग्रीक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के साथ डिफेंस पीएसयू, रक्षा उद्योग और स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों से बातचीत की। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और मित्रतापूर्ण रिश्तों की फिर से पुष्टि करती है।