ओमान के पास भारतीय शिप पर अटैक,  गुस्से में विदेश मंत्रालय,  कहा- 'तिरंगे वाले जहाज पर हमला मंजूर नहीं...'

ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले की भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये हमला अस्वीकार्य है।

May 14, 2026 - 17:51
 0
ओमान के पास भारतीय शिप पर अटैक,  गुस्से में विदेश मंत्रालय,  कहा- 'तिरंगे वाले जहाज पर हमला मंजूर नहीं...'

 
 नई दिल्ली। ओमान के तट पर बुधवार (13 मई) को भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले की भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर रहा है कि ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला किसी भी हालत में मंजूर नहीं है। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "कल ओमान के तट पर भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुआ हमला अस्वीकार्य है और हम इस बात की निंदा करते हैं कि वाणिज्यिक जहाजों और आम नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जहाज पर सवार सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हैं।"

रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि भारत दोहराता है कि जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना, या किसी भी तरह से व्यापारिक जहाजों की स्वतंत्रता में बाधा डालना, पूरी तरह से टाला जाना चाहिए।

होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और मालवाहक जहाज डूब गया है, जिसका नाम है हाजी अली। वो 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे कोई ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार टकरा गया। इस हादसे के बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था और सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ। चालक दल ने बाद में बताया कि जहाज से किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की आवाज सुनाई दी थी और इसके बाद जहाज में आग लग गई। हालात बिगड़ते देख 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफ बोट पहनी और जहाज को छोड़ दिया। ओमानी अधिकारियों ने आगे बढ़कर भारतीय दल की मदद की।