ईरान-अमेरिका में हाई लेवल कमेटी पर सहमति,  पहले दौर की वार्ता खत्म,  बातचीत जारी रखने का आधार तैयार

US-ईरान के बीच हाई-लेवल कमेटी बनाने पर सहमति बनी है, जिसके 60 दिनों में अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए रोडमैप पर सहमत हुई है। इस मीटिंग के बाद दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत का आधार तैयार हुआ है।

Jun 22, 2026 - 08:51
 0
ईरान-अमेरिका में हाई लेवल कमेटी पर सहमति,  पहले दौर की वार्ता खत्म,  बातचीत जारी रखने का आधार तैयार

जेनेवा। अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में पहले दौर की बातचीत खत्म हो चुकी है। इस वार्ता में दोनों पक्षों की ओर से एक हाई लेवल कमेटी बनाने पर सहमति बनी है। इस मामले पर पाकिस्तान और कतर की ओर से साझा बयान जारी किया गया है।वहीं इस पर ईरान की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई है। 
 
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। ईरान के लिए तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी रोक हटा दी गई है। होर्मुज में नाकेबंदी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा कुछ फ्रीज़ की गई संपत्ति भी जारी कर दी गई है और बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है। उन्होंने आगे लिखा कि सबसे बड़ी परीक्षा लेबनान में डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल है। 

पाकिस्तान और कतर के साझा बयान के मुताबिक, 'लेक ल्यूसर्न समिट सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। इसमें आगे की तकनीकी बातचीत के लिए एक सिस्टम बनाने समेत कई उत्साहजनक प्रगति हुई है। एमओयू के आधार पर, सभी पक्ष एक हाई-लेवल कमेटी बनाने पर सहमत हुए हैं, जो मध्यस्थता की प्रक्रिया पर राजनीतिक निगरानी रखेगी। मुख्य वार्ताकार हाई-लेवल कमेटी को नियमित रूप से रिपोर्ट करेंगे और परमाणु, प्रतिबंध और एमओयू को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मॉनिटरिंग और विवाद समाधान ग्रुप जैसे वर्किंग ग्रुप का नेतृत्व करेंगे।'

हाई-लेवल कमेटी 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमत हुई है, जिससे आगे की तकनीकी बातचीत तुरंत शुरू करने का आधार तैयार हुआ है। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और किसी भी घटना या गलतफहमी से बचने के लिए, एमओयू के पैराग्राफ 5 में बताए गए समय के लिए पक्षों के बीच एक कम्युनिकेशन लाइन बनाई गई है।

साझा बयान के मुताबिक, सभी पक्ष लेबनान में सैन्य अभियानों को रोकने के एमओयू के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल' बनाने पर सहमत हुए हैं। यह सेल पक्षों और लेबनान के बीच काम करेगा और मध्यस्थ देश इसमें मदद करेंगे। सभी मुद्दों पर तकनीकी बातचीत बर्जेनस्टॉक रिज़ॉर्ट में इस हफ़्ते के बाकी दिनों में भी जारी रहेगी।

स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका की बातचीत के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को धमकी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को लेबनान में अपने उन समूहों को रोकना चाहिए, जिन्हें वह पैसे देकर समर्थन देता है। वे परेशानी पैदा कर रहे हैं। ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो हम ईरान पर फिर से बहुत कड़ा हमला करेंगे, जैसा हमने पिछले हफ्ते किया था, लेकिन इस बार उससे भी ज्यादा जोरदार तरीके से।