जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इंटर्नशिप कार्यक्रम में गूंजे मौलिक अधिकार, रिमांड और विधिक जागरूकता के मुद्दे

आगरा। भारतीय संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, रिमांड संबंधी विधिक प्रावधानों और निःशुल्क विधिक सहायता की उपयोगिता को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा द्वारा आयोजित लीगल एड क्लिनिक इंटर्नशिप कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विधि के विद्यार्थियों को संवैधानिक और आपराधिक न्याय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि विधिक जागरूकता ही न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज की मजबूत नींव है तथा युवाओं को कानून की जानकारी के साथ समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

Jun 25, 2026 - 20:09
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इंटर्नशिप कार्यक्रम में गूंजे मौलिक अधिकार, रिमांड और विधिक जागरूकता के मुद्दे
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इंटर्नशिप कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के तत्वावधान में आयोजित इस व्याख्यान का विषय- मौलिक अधिकार एवं रिमांड संबंधी विधि रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के सचिव एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की रक्षा का आधार हैं। उन्होंने रिमांड से जुड़े विधिक प्रावधानों, गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया, अभियुक्तों के संवैधानिक अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विधि के विद्यार्थियों से समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

असिस्टेंट प्रोफेसर अगम दीक्षित ने विधिक प्रत्यारोपण (लीगल ट्रांसप्लांट) और विधि के विकास पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में विभिन्न देशों की विधिक व्यवस्थाओं का आदान-प्रदान न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाता है।

आगरा कॉलेज के प्रोफेसर शशिकांत पांडे ने महिला सशक्तिकरण के विशेष संदर्भ में लैंगिक न्याय विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि एक समतामूलक और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को न्याय तक समान और प्रभावी पहुंच उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने कहा कि विधिक शिक्षा और विधिक जागरूकता एक न्यायपूर्ण, उत्तरदायी एवं संवेदनशील समाज की आधारशिला है।

कार्यक्रम में श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से संवैधानिक अधिकारों, न्याय व्यवस्था तथा विधिक सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।

SP_Singh AURGURU Editor