अमेरिका से हर मुद्दे पर सहमति जरूरी नहीं,  भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति प्रतिबद्ध- जयशंकर

जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर साफ और बेबाक रुख रखा। अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते और रूसी तेल पर निर्भरता घटाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Feb 14, 2026 - 21:46
 0
अमेरिका से हर मुद्दे पर सहमति जरूरी नहीं,  भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति प्रतिबद्ध- जयशंकर

 म्यूनिख। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी7 समूह के अपने समकक्षों संग अहम बैठक की। यहां उन्होंने भारत के यूएनएससी को सहयोग समेत साझा हितों पर बात की। उन्होंने एक्स कुछ तस्वीरों के साथ पोस्ट लिख इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, म्यूनिख में जी7 के विदेश मंत्रियों से बात करके खुशी हुई। एजेंडे में यूएनएट80 था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए भारत के पूर्ण सहयोग की बात मैंने दोहराई।

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर से सवाल पूछा गया कि अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते के कारण भारत को रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करनी पड़ रही है, तो क्या इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता प्रभावित नहीं होती?

जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा, 'हम रणनीतिक स्वयत्तता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह हमारे इतिहास और विकास का अभिन्न अंग है। यह एक ऐसा मुद्दा है, जो बहुत गहरा और राजनीतिक परिदृश्य से परे भी है।

ऊर्जा आयात के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का वैश्विक तेल बाजार बेहद जटिल है। भारत की तेल कंपनियां यूरोप और दुनिया की अन्य कंपनियों की तहत ही उपलब्धता, लागत और जोखिम जैसे कारकों को देखते हुए अपने हित में निर्णय लेती हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और सभी देश अपने-अपने हिसाब से नए आकलन कर रहे हैं।

अमेरिका के साथ मतभेद की संभावना पर जयशंकर ने कहा कि हर मुद्दे पर सहमति जरूरी नहीं है, लेकिन साझा जमीन तलाशने की इच्छा हो तो रास्ता निकलता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत स्वतंत्र सोच के साथ निर्णय लेगा और अगर कुछ फैसले दूसरों की सोच से मेल न खाएं, तो भी ऐसा हो सकता है।

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को लेकर विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, 'समुद्री कम्युनिकेशन लाइनों की सुरक्षा, फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर काम करने, बंदरगाह सुरक्षा को मजबूत करने और सबमरीन केबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मदद करने में हमारी भूमिका पर बल दिया। इस बातचीत में भारत और जी7 के बीच कई समानताएं और साझा हित पर भी मंथन हुआ।'

इसके साथ ही एस जयशंकर ने एक गोलमेज बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, 'म्यूनिख में आस्पेन के राउंडटेबल ’दिल्ली डिसाइड्स: मैपिंग इंडियाज पॉलिसी कैलकुलस’ के साथ अहम बैठक की। बहुध्रुवीय मांगों को पूरा करने के लिए एक तेज और बेजोड़ विदेश नीति की जरूरत पर जोर दिया। इस संबंध में इंडिया-ईयू एफटीए और इंडिया-यूएस ट्रेड डील के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया।