धर्मसभा में उमड़ा जैन समाज, सकारात्मक सोच और संस्कारों का दिया संदेश
आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में हरीपर्वत स्थित आचार्य शांतिसागर सभागार में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज एवं गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी ससंघ की भव्य धर्मसभा आयोजित हुई। आर्यिका माताजी ने धर्म, संस्कार, संयुक्त परिवार और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज को धर्म से जुड़े रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आगरा। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में गुरुवार को हरीपर्वत स्थित आचार्य शांतिसागर सभागार (एम.डी. जैन) में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं 57 वर्षों की संयम साधना से विभूषित सिद्धांत रत्न, भारत गौरव, गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी तथा आर्यिका विज्ञमति माताजी ससंघ की पावन धर्मसभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद पदाधिकारियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र के अनावरण के साथ हुआ। इसके पश्चात श्री शांतिनाथ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा सभागार भक्तिमय वातावरण से भर उठा।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्म और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में संयुक्त परिवारों का विघटन समाज में बढ़ती अज्ञानता का संकेत है। जिस प्रकार शरीर के लिए श्वास आवश्यक है, उसी प्रकार परिवार के लिए संस्कार और बड़ों का मार्गदर्शन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाएं तो चेहरे पर मुस्कान होनी चाहिए। जीवन में आने वाले दुखों के बीच भी सुख तलाशने की कला सीखनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने एक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया, जिसमें एक संत ने अपमान और कष्ट में भी सकारात्मकता खोजकर प्रसन्न रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, दृष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए।
आर्यिका माताजी ने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शुद्ध विचारों के बीज बोते रहिए, एक दिन वे फल-फूल बनकर जीवन को सुवासित करेंगे और आगे चलकर विशाल वटवृक्ष का रूप धारण करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जीवन में बहुत कुछ छोड़ा जा सकता है, लेकिन मंदिर और धर्म को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
धर्मसभा में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आत्मकल्याण, संयम और धर्ममार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म ही मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया। धर्मसभा में परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 12 जून 2026 को प्रातः 8:15 बजे से आचार्य शांतिसागर सभागार, हरीपर्वत में मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के मंगल प्रवचन आयोजित होंगे, जिसमें श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर हीरालाल बैनाड़ा, पूर्व महामंत्री सुनील जैन ठेकेदार, परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, उपमंत्री विमल जैन, अनंत जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, कुमार मंगलम जैन, दीपक जैन मनीष जैन लवली, पंकज जैन, रवि जैन, सुरेन्द्र जैन, आदित्य जैन, ,श्रीमती उषा जैन, बीना बैनाड़ा, श्रीमती अनीता जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सकल जैन समाज मौजूद था l