जन्माष्टमी पर गलियों से चौराहों तक कृष्णमय होगा मथुरा, आसमान में भी दिखेगी ब्रज संस्कृति की झलक

मथुरा। कन्हैया के जन्मोत्सव का उल्लास अब पूरे ब्रज में परवान चढ़ने लगा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन की गलियां, चौराहे और प्रमुख सांस्कृतिक स्थल कृष्ण भक्ति, ब्रज लोक संस्कृति, संगीत, नृत्य और कला के रंग में डूबे नजर आएंगे। पांच बड़े और 27 छोटे मंचों पर करीब 1000 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जबकि 350 स्ट्रीट परफॉर्मर प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लोक वाद्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इस बार उत्सव की भव्यता आसमान तक पहुंचेगी, जहां 500 ड्रोन कृष्ण लीला की विभिन्न आकृतियां बनाकर दिव्य नजारा पेश करेंगे।

Sep 2, 2026 - 12:16
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जन्माष्टमी पर गलियों से चौराहों तक कृष्णमय होगा मथुरा, आसमान में भी दिखेगी ब्रज संस्कृति की झलक

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष ब्रजभूमि पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के स्वागत और जन्माष्टमी उत्सव को यादगार बनाने के लिए परिषद की ओर से व्यापक सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ब्रज की समृद्ध लोक परंपरा, संगीत और कला को श्रद्धालुओं के सामने जीवंत करना है।

कन्हैया मित्तल सहित करीब 1000 कलाकार कृष्ण भक्ति संगीत और ब्रज लोक कला की झलक प्रस्तुत करेंगे। पांच बड़े और 27 छोटे मंचों पर करीब 600 लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन मंचों पर कृष्ण भक्ति के भजन-कीर्तन के साथ ब्रज के लोकगीत, लोक नृत्य, संगीत और कृष्ण लीलाओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रमुख कार्यक्रम डैम्पियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित किए जाएंगे।

मंचों के अलावा प्रमुख मार्गों और चौराहों पर करीब 350 स्ट्रीट परफॉर्मर उत्सव की रंगत बढ़ाएंगे। बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, तबला-बेला आदि वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ कलाकार श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इससे ब्रज की पारंपरिक लोक संस्कृति का रंग सीधे गलियों और चौराहों तक पहुंचेगा।

पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में 2 सितंबर को दोपहर 3 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा उद्घाटन और दीप प्रज्वलन से होगी। इसके बाद 3:10 से 3:15 बजे तक श्याम शंख वादन होगा। दोपहर 3:15 से शाम 4:15 बजे तक कान्हा अकादमी की ओर से बधाई, नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया जाएगा। शाम 4:15 से 6:15 बजे तक भारत भूषण भजन जैमिंग होगा। इसके बाद शाम 6:15 से 7:40 बजे तक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से मुदरिया प्रेम एवं नन्दोत्सव की झांकी, गायन एवं नृत्य की प्रस्तुति होगी।

3 सितंबर को शाम 4 से 5 बजे तक देवेश शर्मा भजन गायन करेंगे। शाम 5 से 7 बजे तक कृष्णा सागर कलेक्टिव की ओर से कृष्ण भजन जैमिंग होगा। इसके बाद शाम 7 से 9 बजे तक श्रुति अनिंदिता वर्मा एवं साथी कलाकार ‘कृष्णा कनेक्ट’ के तहत फ्यूजनल म्यूजिकल प्रस्तुति देंगे।

4 सितंबर को दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक मोहित शेवानी ‘कृष्णायण—सुनिए वो जो कभी कहा नहीं गया’ कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। शाम 5 से 7 बजे तक हार्टफुलनेस फाउंडेशन की ओर से स्नीति मिश्रा ‘कृष्णा: अनन्त रंग, अनन्त भाव’ कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। इसी दौरान अनिरबान राय बांसुरी वादन और मैत्रेयी राय भजन एवं शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देंगी। शाम 7 से 9 बजे तक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या आयोजित होगी।

आसमान में पहली बार दिखेगी कृष्ण लीला

जन्माष्टमी उत्सव में इस बार आकाश भी कृष्णमय होगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से पहली बार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। 4 सितंबर की रात करीब 9 से 10 बजे तक जन्मस्थान के निकट किशोरी रमण बीएड कॉलेज से बॉटलैब डायनामिक्स का यह भव्य लाइट शो आयोजित होगा। इसमें 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे और कृष्ण लीला से जुड़ी विभिन्न आकृतियां बनाकर श्रद्धालुओं के सामने अनूठा दृश्य प्रस्तुत करेंगे।

इस तरह जन्माष्टमी पर मथुरा में उत्सव केवल मंदिरों और प्रमुख आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गलियों, चौराहों, मंचों और आसमान तक ब्रज संस्कृति की धूम दिखाई देगी। भक्ति संगीत, लोक नृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक ड्रोन शो का यह संगम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ब्रज की सांस्कृतिक विविधता का विशेष आकर्षण बनेगा।

SP_Singh AURGURU Editor