डीएसएस नरेंद्र चाहर के समर्थन में उतरी जाट महासभा, आरपीएफ जवानों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग

आगरा। आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ आरपीएफ द्वारा की गई मारपीट के मामले में रेलवे कर्मचारी संगठनों के बाद अब अखिल भारतीय जाट महासभा भी खुलकर नरेंद्र सिंह चाहर के समर्थन में उतर आई है। महासभा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित आरपीएफ जवानों को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा रेलवे कर्मचारी संगठनों की सभी मांगों को अविलंब स्वीकार करने की मांग की है। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने मामले में ढिलाई बरती तो इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।

Jul 14, 2026 - 20:54
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डीएसएस नरेंद्र चाहर के समर्थन में उतरी जाट महासभा, आरपीएफ जवानों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग
आगरा कैंट के डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर के साथ जाट महासभा के जिलाध्य़क्ष कप्तान सिंह चाहर और अन्य पदाधिकारी।

अखिल भारतीय जाट महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर के आवास पर पहुंचा जहां श्री चहर और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें अपना समर्थन और भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महासभा इस पूरे प्रकरण में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

बाद में महासभा के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि रविवार को डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर के साथ आरपीएफ के कुछ जवानों द्वारा की गई कथित बदसलूकी अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। महासभा का कहना है कि जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह सरकारी सेवा की गरिमा के विपरीत है और ऐसे कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

संयुक्त बयान जारी करने वालों में जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नरवार, भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह चाहर, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष श्रीमती निर्मल चाहर, श्रीमती ममता चौधरी, सुभाष प्रधान, लालू भैय्या तथा महानगर मंत्री सोनवीर सोलंकी शामिल रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि जिन आरपीएफ जवानों पर आरोप हैं, उन्हें तत्काल सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि ऐसे कर्मचारी सेवा में बने रहने के योग्य नहीं हैं।

महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारी संगठनों द्वारा दोषी आरपीएफ जवानों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की जो मांग उठाई गई है, उसका संगठन पूर्ण समर्थन करता है। उनका कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

SP_Singh AURGURU Editor