दहेज की हैवानियत का हुआ हिसाब: पत्नी की हत्या में पति को 10 साल की कैद, बरेली कोर्ट ने सुनाया फैसला

-आरके सिंह- बरेली। दहेज की मांग को लेकर नवविवाहिता की हत्या करने के मामले में बरेली की अदालत ने दोषी पति को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने जोगेन्द्र उर्फ जुगेन्द्र (31) को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत के इस फैसले को दहेज हत्या के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Jul 14, 2026 - 13:01
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दहेज की हैवानियत का हुआ हिसाब: पत्नी की हत्या में पति को 10 साल की कैद, बरेली कोर्ट ने सुनाया फैसला

सरकारी अधिवक्ता सुरेश बाबू साहू ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से उन्होंने और पंकज महंत ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए आठ गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने जोगेन्द्र को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

अभियोजन के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है। मीरगंज थाना क्षेत्र के लभेड़ा गांव निवासी राम औतार ने अपनी बहन विद्या का विवाह अप्रैल 2023 में शेरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा निवासी जोगेन्द्र उर्फ जुगेन्द्र के साथ किया था।

आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद जोगेन्द्र ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विद्या को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बढ़ते विवाद को देखते हुए दोनों परिवारों के बीच 1 अगस्त 2023 को पंचायत बुलाई गई। पंचायत में समझौता होने के बाद जोगेन्द्र अपनी पत्नी विद्या को वापस अपने साथ ले गया।

अभियोजन के मुताबिक पंचायत के महज पांच दिन बाद, 6 अगस्त 2023 की रात जोगेन्द्र ने अपनी पत्नी विद्या की हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर अगले दिन मृतका के भाई राम औतार ने थाना शेरगढ़ में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ने मामले की विवेचना कर साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए, जिसके बाद अदालत ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

यह फैसला दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर न्यायपालिका के सख्त रुख को दर्शाता है तथा ऐसे मामलों में कानून के प्रभावी हस्तक्षेप का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor