बटेश्वर धाम का कालिंदी तट 51 हजार दीयों से झिलमिला उठा, जगमग शिव मंदिरों से अदभुत नजारा
बटेश्वर/आगरा। पिछली चार सदी से तीर्थधाम बटेश्वरनाथ में आयोजित होता आ रहा प्राचीन बटेश्वर मेला मंगलवार की शाम शुरू हो गया। बीजेपी के बृज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर मंजू भदौरिया और पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह की मौजूदगी में फीता काटा तो बाबा बटेश्वरनाथ और श्री राम के जयकारों से तीर्थधाम गूंज उठा। इस मौके पर दीपदान के तहत जलाए गए 51 हजार दीयों से कालिंदी का तट जगमगा उठा। श्रृंखलाबद्ध शिव मंदिरों की झिलमिलाती रोशनी से बने माहौल ने हर किसी को भक्ति भाव से भर दिया।
- दिवाली और बटेश्वर पशु मेले के उद्घाटन के मौके पर हुआ दीपदान
- ऐतिहासिक पशु मेले में खरीद बिक्री के लिए पहुंचने लगे ऊंट, घोड़े खच्चर
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15 दिन तक चलेगा पशु मेला, इसके बाद होगा लोक मेला
बटेश्वर के पशु और लोक मेला का इतिहास 400 साल से ज्यादा पुराना है। जिस समय यह परम्परा शुरू हुई तब यहां भदावर राज परिवार का शासन हुआ करता था। आजादी के बाद से बटेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के इस मेले की आयोजक अब जिला पंचायत है। एक महीने तक चलने वाले मेले में पहले 15 दिन पशु मेला लगता है, जिसमें पशुओं की खरीद बिक्री के लिए दूसरे राज्यों के लोग भी यहां पहुंचते हैं। दूसरे चरण में 15 दिन तक लोक मेला होता है जिसमें आम लोगों की भागीदारी होती है। राज्य सरकार के स्तर से भी मेले के धनराशि आवंटित की जाती है।
मंगलवार की शाम को मेला का उद्घाटन के मुख्य अतिथि भाजपा के बृज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने फीता काटकर किया। जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भदावर, पूर्व मंत्री राम सकल गुर्जर भी इस मौके पर मौजूद रहे।
इसके बाद सभी अतिथि बटेश्वर ब्रह्मलाल शिव मंदिर परिसर पहुंचे और मंदिर ट्रस्ट और जिला पंचायत द्वारा अयोध्या की तर्ज पर आयोजित दीपदान महोत्सव में दीए जलाए। इस मौके पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से 51 हजार दीपक जलवाए गए।
51 हजार दीपों से यमुना किनारे बने भगवान शिव के मंदिर और घाट जगमगा उठे। हजारों दीयों की रोशनी से यमुना जल में दीपों का प्रतिबिम्ब अलग ही नजर आ रहा था। इस दौरान जय श्री राम और बाबा बटेश्वर नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने बताया कि मेला का उद्घाटन होने के साथ ही पशु मेला में पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू हो गया है। व्यापारी अपने पशुओं की खरीद फरोख्त सुरक्षा के साथ कर सकेंगे। मेले में लाइट और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है।
पशु मेला समापन के बाद लोक मेला का आयोजन किया जाएगा। लोक मेले में सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओ के साथ कवि सम्मेलन एवं अन्य कार्यक्रम होंगे।
भाजपा के ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि बटेश्वर बहुत ही प्राचीन तीर्थ है। प्राचीन मेला कई राज्यों के लोगों की जोड़ता है। पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भदावर ने उम्मीद जताई कि कोविड काल के बाद लग रहा पशु मेला सफल रहेगा।
पशु मेले में घोड़ा, खच्चर, ऊंट और अन्य पशु खरीद बिक्री के लिए लाए जा चुके हैं। लोक मेला के दौरान साधु संतों के साथ भक्त लाखों की संख्या में भगवान ब्रह्मलाल के दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने कहा कि आगामी दिनों में बटेश्वर का कायाकल्प देखने को मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्मस्थली एवं प्राचीन तीर्थ धाम बटेश्वर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह द्वारा पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
मंच पर सभी अतिथियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाहा, जिलाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा कप्तान सिंह वर्मा, मानवेंद्र सिंह राठौर, अजय परिहार, राकेश बाजपेई, गौरव परिहार, लालू तोमर, रजत परिहार, सुनील नेताजी, भोला भदौरिया, लालू भदौरिया, मुकेश शर्मा, अरुण दुबे, प्रदीप भदौरिया आदि लोग मौजूद रहे।