करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन: सरकार से न्याय लेना आता है मांगें पूरी न हुईं, तो शाम 5 बजे के बाद अपनी ताकत दिखा देंगे।
आगरा: क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आगरा में डेरा डाले शेखावत ने सांसद को "राष्ट्रद्रोही" करार देते हुए उन्होंने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए कल शाम 5 बजे तक का समय दिया है, जिसके बाद उन्होंने "अपनी ताकत दिखाने" की चेतावनी दी है।
करणी सेना की मांगें क्या हैं?
करणी सेना की प्रमुख मांगें हैं कि रामजीलाल सुमन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए, उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द हो, और करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर दर्ज "झूठे" केस वापस लिए जाएं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उन पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है जिन्होंने करणी सेना के सदस्यों के साथ "बर्बरता" की थी।
संविधान और अनुशासन के दायरे में रहकर मांगें मनवाएंगे?
क्षत्रियों का जमावड़ा है, क्षत्रिय हमेशा अनुशासन में रहते हैं। यदि हमें छेड़ा जाएगा तो हम किसी को छोड़ेंगे नहीं, हम पूरी तैयारी से हैं। सरकार अपनी सहमति दर्ज कराएगी तो ठीक है, नहीं तो जैसा समय वैसी प्रतिक्रिया आपको उस दिन देखने को मिलेगी।
लाखों में आएंगे देश भर के लोग
शेखावत ने दावा किया है कि 12 अप्रैल को देशभर से लगभग 3 लाख लोग सांसद सुमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित होंगे। इसी दिन करणी सेना राणा सांगा की जयंती पर "रक्त स्वाभिमान सम्मेलन" का भी आयोजन कर रही है।
मांगें पूरी न हुईं, तो आगे की क्या रणनीति है?
हम सरकार को कल शाम 5 बजे तक का समय दे रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि उनका प्रतिनिधिमंडल हमसे संपर्क करेगा और हमारी मांगों पर चर्चा करेगा। स्पष्ट रूप से कहें तो, अगर हमें न्याय नहीं मिलता है,तो हम शाम 5 बजे के बाद अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ना और न्याय लेना जानते हैं।
प्रशासन की क्या है तैयारी
प्रशासन ने भी इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए कमर कस ली है। सूत्रों के अनुसार, 5 हजार से ज्यादा डंडे और हेलमेट मंगाए गए हैं, और चार जिलों की 8 से 10 हजार जवानों की फोर्स को तैनात किया जाएगा। पुलिस भीड़ नियंत्रण का निरंतर अभ्यास भी कर रही है।
इन शर्तों पर आगरा प्रशासन से मिली है अनुमति
आगरा प्रशासन ने राणा सांगा की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के लिए जो अनुमति जारी की है,उस में शांति, व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त शर्तें लगाई गई हैं।
अनुमति के तहत, आयोजन स्थल पर हथियार, आपत्तिजनक नारे, अभद्र भाषा, भड़काऊ भाषण और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि प्रदूषण नियमों का भी पालन अनिवार्य होगा। अनुमति कार्यक्रम केवल निर्धारित स्थान, तिथि और समय पर ही आयोजित किया जा सकता है। किसी भी घटना के लिए आयोजक जिम्मेदार होंगे और विशेष परिस्थितियों में अनुमति बिना सूचना के निरस्त की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सांसद रामजी लाल की सुरक्षा
सांसद रामजीलाल सुमन कि भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनके आवास पर पीएसी और निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, और आने-जाने वालों का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है।
करणी सेना लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही है। कल का प्रदर्शन उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उन पर दबाव बनाने का एक प्रयास माना जा रहा है। प्रशासन इस प्रदर्शन को लेकर सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। कल देखना होगा कि करणी सेना की मांगों पर सरकार का क्या रुख रहता है और यह प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
कल शाम 5 बजे के बाद आगरा में क्या स्थिति बनती है। करणी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उन्हें "न्याय" नहीं मिलता है, तो वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।