‘खाकी बनी सहारा’, सिकंदरा पुलिस ने तीन बेटियों का स्कूल में कराया दाखिला
आगरा की सिकंदरा पुलिस ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार की तीन बच्चियों का स्कूल में दाखिला कराकर मिसाल पेश की है। थाना प्रभारी राजीव त्यागी की पहल पर बच्चियों को किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षिक सामग्री भी दी गई। परिवार ने पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी बेटियों का अधिकारी बनने का सपना पूरा हो सकेगा।
आर्थिक तंगी के बीच पुलिस ने बढ़ाया मदद का हाथ, किताब-कॉपी से लेकर दाखिले तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई
आगरा। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में पुलिस का एक संवेदनशील और प्रेरणादायक चेहरा सामने आया है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से दूर हो रही तीन मासूम बच्चियों के लिए सिकंदरा पुलिस उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। थाना प्रभारी राजीव त्यागी की पहल पर न केवल तीनों बच्चियों का स्कूल में दाखिला कराया गया, बल्कि उनकी पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें, कॉपियां, पेंसिल और इरेजर भी उपलब्ध कराए गए।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। अभिभावक अपनी बेटियों को स्कूल भेजना चाहते थे, लेकिन सीमित आय और घरेलू जिम्मेदारियों के चलते उनके सामने कई मुश्किलें थीं। ऐसे में सिकंदरा पुलिस ने आगे बढ़कर परिवार की मदद की और बच्चियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास किया।
पढ़ाई में आ रही थी आर्थिक बाधा
जानकारी के अनुसार, परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा था। घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि बच्चियों की पढ़ाई का खर्च आसानी से उठाया जा सके। इसी वजह से उनकी शिक्षा बीच में रुकने की आशंका पैदा हो गई थी। जब यह जानकारी सिकंदरा थाना पुलिस तक पहुंची तो थाना प्रभारी राजीव त्यागी ने तुरंत पहल करते हुए बच्चियों के दाखिले की व्यवस्था कराई। पुलिसकर्मियों ने स्कूल प्रशासन से समन्वय कर तीनों बच्चियों का प्रवेश सुनिश्चित कराया।
किताबों और स्टेशनरी की भी की व्यवस्था
सिर्फ दाखिला ही नहीं, बल्कि बच्चियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। पुलिस टीम ने उन्हें किताबें, कॉपियां, पेंसिल और इरेजर भेंट किए, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। पुलिस की इस पहल से बच्चियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। परिवार ने इसे अपने लिए किसी बड़ी मदद से कम नहीं बताया।
पिता ने जताई खुशी, कहा-बेटियां बनेंगी अधिकारी
बच्चियों के पिता ने सिकंदरा पुलिस और थाना प्रभारी राजीव त्यागी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन वह हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटियां पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हों और अधिकारी बनें। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस मदद से अब उनकी बेटियों का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सोशल मीडिया और क्षेत्र में हो रही सराहना
सिकंदरा पुलिस की इस मानवीय पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। लोग इसे पुलिस के संवेदनशील और समाजसेवी चेहरे के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी पहल न केवल जरूरतमंद परिवारों को सहारा देती हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी पहुंचाती हैं।