ई-पंजीकरण के विरोध में आगरा में वकीलों के उग्र तेवर: ताली-थाली बजाकर किया प्रदर्शन, एमजी रोड-2 पर सांकेतिक जाम, मुख्यमंत्री के आगमन पर काली पट्टी बांधने का ऐलान

आगरा। सदर तहसील आगरा में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को आंदोलन ने और अधिक आक्रामक रूप ले लिया, जब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर एक बजे बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने ताली और थाली बजाते हुए तहसील परिसर में मार्च निकाला। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए एमजी रोड-2 पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में सांकेतिक जाम लगाकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ई-पंजीकरण व्यवस्था को वापस नहीं लिया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।

Jun 22, 2026 - 18:25
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ई-पंजीकरण के विरोध में आगरा में वकीलों के उग्र तेवर: ताली-थाली बजाकर किया प्रदर्शन, एमजी रोड-2 पर सांकेतिक जाम, मुख्यमंत्री के आगमन पर काली पट्टी बांधने का ऐलान
सदर तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री ऒफिस पर सोमवार को प्रदर्शन करते वकील।

सातवें दिन भी नहीं थमा विरोध, ताली-थाली बजाकर जताया आक्रोश

ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन के सातवें दिन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सामूहिक रूप से ताली और थाली बजाकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर का भ्रमण करते हुए जोरदार नारेबाजी की और उसके बाद एमजी रोड-2 पर पहुंचकर सांकेतिक जाम लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हित प्रभावित हो रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के आगमन पर काली पट्टी बांधकर होगा विरोध

धरना स्थल पर हुई सभा में आंदोलनकारियों ने आगामी रणनीति भी घोषित की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगरा में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान सभी अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि मांगें पूरी होने तक धरना और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

सोमवार का धरना एवं प्रदर्शन संघर्ष समिति आगरा के सहयोग से आयोजित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व तहसील और बार के पदाधिकारियों ने किया तथा सरकार से ई-पंजीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग दोहराई।

इन पदाधिकारियों की रही प्रमुख मौजूदगी

धरना-प्रदर्शन में लाल बहादुर राजपूत एडवोकेट (अध्यक्ष, आगरा तहसील बार एसोसिएशन), शंभूनाथ वर्मा एडवोकेट, रामकृष्ण दत्त उपाध्याय (अध्यक्ष, आगरा दस्तावेज लेखक एसोसिएशन), अरविंद दुबे, इन्द्रपाल सिंह बघेल, अंशू यादव, मनोज कुमार, राजीव उपाध्याय, मानसिंह धाकड़, राजेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ, रामकुमार रावत, विजय कुलश्रेष्ठ, ऋषि कुमार यादव, सुंदर पाल सिंह, भगवान सिंह, ललित अग्रवाल, हेमेंद्र सिसोदिया, श्याम सुंदर शर्मा, ज्ञानेश राजपूत, पप्पू यादव, अशोक जानवर, नरेश तिवारी, नरेश बघेल, देवी सिंह, ऋषि कुमार जादौन, उदयभान सिंह, सत्य प्रकाश राजपूत, ज्ञानेश राजपूत, ओम प्रकाश चौधरी, हाजी निसार, राजकुमार सिंह, रामकुमार सारस्वत, शंभूनाथ तोमर, सत्येंद्र अग्रवाल, सुबोध कुमार शर्मा, शिवनंदन शर्मा, अवधेश कुमार यादव तथा जगदीश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की उपस्थिति दर्ज की गई।

SP_Singh AURGURU Editor