पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की भतीजी के पति की हत्या के तीनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास

-आरके सिंह- बरेली। बरेली के बहुचर्चित राजपाल गंगवार हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुना दिया है। यह मामला पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के परिवार से जुड़ा है। 2016 में होली के दिन हुए इस जघन्य हत्याकांड में अदालत ने तीनों आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास और 6.90 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Jul 21, 2025 - 13:08
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पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की भतीजी के पति की हत्या के तीनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास

-नौ साल बाद मिला न्याय: 2016 में होली पर हुआ था खूनी संघर्ष 

फैसले में क्या कहा अदालत ने

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम तबरेज अहमद की अदालत ने सतेंद्र पाल सिंह उर्फ पिंटू राणा (55, पूर्व फौजी), उनके भाई रविंद्र पाल सिंह उर्फ रिंकू राणा (45), और साले मंजीत सिंह उर्फ मोनू (25) को दोषी ठहराया। तीनों पर आईपीसी की धारा 302, 307, 323, 452, 504, 506, 34 के अंतर्गत अभियोजन चला।

ऐसे हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात

24 मार्च 2016, शास्त्रीनगर, थाना प्रेमनगर, बरेली में योगेंद्र गंगवार के घर होली का उत्सव चल रहा था। योगेंद्र, तत्कालीन मंत्री भगवत सरन गंगवार के छोटे भाई हैं। उसी दौरान पड़ोसी सतेंद्र पाल सिंह के मेहमानों ने गली में गाड़ी खड़ी कर दी। विरोध करने पर विवाद इतना बढ़ा कि दोपहर करीब 3:30 बजे सतेंद्र अपने भाई और साले के साथ हथियारों से लैस होकर योगेंद्र के घर में जा घुसा।

इन लोगों ने राजपाल गंगवार को पेट में गोली मार दी जबकि अभिनव गंगवार को हाथ में गोली लगी। तेजपाल गंगवार को सिर में गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। राजपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मुकदमा, विवेचना और पैरवी से सजा तक

प्रेमनगर पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू की। तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेश सिंह (अब सीओ) ने विवेचना की। एडीजीसी क्राइम राजेश्वरी गंगवार ने प्रभावी पैरवी करते हुए कुल 13 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज करवाए। अब कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सश्रम उम्रकैद और ₹6.90 लाख अर्थदंड से दंडित किया है।

ऑपरेशन कन्विक्शन की विशेष भूमिका

एसपी साउथ अंशिका वर्मा के नेतृत्व में इस केस की ऑपरेशन कन्विक्शन योजना के तहत मॉनिटरिंग की गई। कोर्ट में मोहर्रिर हेड कांस्टेबल देवराज सिंह, पैरोकार रश्मि, और मॉनिटरिंग सेल के कांस्टेबल शिव कुमार ने अहम भूमिका निभाई।

न्याय मिलने से परिवार को मिला संबल: पूर्व मंत्री

पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताया और कहा, यह फैसला सिर्फ हमारे लिए नहीं, समाज के लिए भी एक उदाहरण है कि कानून देर से ही सही, लेकिन न्याय जरूर देता है। उन्होंने बताया कि मृतक राजपाल की पत्नी (उनकी भतीजी) और उसके दो छोटे बच्चे आज भी उस दिन की घटना के मानसिक आघात से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।

SP_Singh AURGURU Editor