ड्यूटी पर थम गई जिंदगी: आगरा के आईटीबीपी जवान अजय सिंह का हार्ट अटैक से निधन, सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों से विदाई, 13 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि, पूरे गांव ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि के साथ वीर सपूत को किया अंतिम सलाम

आगरा। जनपद के कागारौल क्षेत्र के गांव बैमन में उस समय गहरा मातम छा गया, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में तैनात जवान अजय सिंह का ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। हरियाणा के पंचकूला में कांस्टेबल पद पर तैनात अजय सिंह की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

Apr 21, 2026 - 13:29
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ड्यूटी पर थम गई जिंदगी: आगरा के आईटीबीपी जवान अजय सिंह का हार्ट अटैक से निधन, सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों से विदाई, 13 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि, पूरे गांव ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि के साथ वीर सपूत को किया अंतिम सलाम
आटीबीपी जवान अजय सिंह का फाइल फोटो।

जवान अजय सिंह को अंतिम विदाई के मौके पर सशस्त्र सलामी देते आटीबीपी के जवान।

गांव पहुंचा पार्थिव शरीर, फूट-फूटकर रोए परिजन

मंगलवार को जब जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव बेमन पहुंचा, तो परिजनों का दर्द देख हर आंख नम हो गई। ग्रामीणों की भारी भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। हर चेहरा गमगीन था और माहौल शोक में डूबा हुआ।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

जवान अजय सिंह की अंत्येष्टि पूरे राजकीय सैन्य सम्मान के साथ की गई। आईटीबीपी के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। राष्ट्रसेवा में समर्पित इस वीर सपूत को पूरे सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया।

इस हृदयविदारक क्षण में सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब उनके 13 वर्षीय पुत्र आदित्य ने पिता को मुखाग्नि दी। यह पल वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अजय सिंह अपने भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई चंद्रपाल सेना से सेवानिवृत्त हैं। छोटे भाई वीरपाल हैं जबकि एक बहन भी परिवार में है। अपने पीछे वे पत्नी पूजा और दो मासूम पुत्रों को छोड़ गए हैं। अचानक हुए इस हादसे से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

गांव में पसरा सन्नाटा, हर दिल में पीड़ा

गांव बेमन में हर गली, हर घर में शोक का माहौल है। लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गर्व व पीड़ा दोनों साथ दिखाई दिए। गर्व इस बात का कि गांव का बेटा देश सेवा में समर्पित था, और पीड़ा इस बात की कि वह अब हमेशा के लिए विदा हो गया।

SP_Singh AURGURU Editor