नन्हे कान्हाओं ने मोहा मन, बाल रूप श्रीकृष्ण रूप सज्जा में दिखी भक्ति और कला की अनूठी छटा

आगरा। जयपुर हाउस के प्रताप नगर स्थित जय झूलेलाल मंदिर में बुधवार को नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बाल रूप श्रीकृष्ण की मनमोहक छवियों से सभी का मन मोह लिया। संस्कार भारती आगरा पश्चिम प्रताप समिति, आगरा महानगर एवं ब्रज प्रान्त की ओर से आयोजित बाल रूप श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में चार आयु वर्गों में 53 बच्चों ने कान्हा के विभिन्न रूपों में प्रस्तुति दी। बाल प्रतिभागियों की आकर्षक वेशभूषा, साज-सज्जा और कृष्ण रूप ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बना दिया।

Sep 2, 2026 - 18:57
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नन्हे कान्हाओं ने मोहा मन, बाल रूप श्रीकृष्ण रूप सज्जा में दिखी भक्ति और कला की अनूठी छटा
जयपुर हाउस के प्रताप नगर स्थित जय झूलेलाल मंदिर में बुधवार को संस्कार भारती द्वारा आयोजित बाल रूप श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता कान्हा जी के विविध स्वरूपों में नन्हें बालक।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारम्भ

कार्यक्रम का शुभारम्भ एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल, जय झूलेलाल सिंधी युवा सभा के अध्यक्ष नरेंद्र पुरसनानी जेठा भाई, श्री अग्रवाल संघ प्रताप नगर जयपुर हाउस के महामंत्री एडवोकेट शशिकांत अग्रवाल, संस्कार भारती के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष एडवोकेट सुभाष चंद्र अग्रवाल, प्रांतीय संरक्षक डॉ. सरोज भार्गव, प्रांतीय महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग और आगरा महानगर अध्यक्ष आर्किटेक्ट राजीव द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह चित्र चित्रकार बरखा ने पिप्पन आर्ट शैली में तैयार किया था। कला साधिका समिति की नीता गर्ग, अनीता भार्गव और मीना अग्रवाल ने ध्येय गीत प्रस्तुत किया।

चार वर्गों में हुई प्रतियोगिता

प्रतियोगिता को चार आयु वर्गों में विभाजित किया गया। नवजात से एक वर्ष तक के प्रथम वर्ग में पांच बच्चों ने कान्हा का रूप धारण किया। एक से तीन वर्ष के द्वितीय वर्ग में 12, तीन से छह वर्ष के तृतीय वर्ग में 19 और छह से नौ वर्ष के चतुर्थ वर्ग में 17 बच्चों ने भाग लिया।

चारों वर्गों में इन बच्चों ने मारी बाजी

चतुर्थ आयु वर्ग में अंजलि गर्ग प्रथम, निष्ठा अग्रवाल द्वितीय और शिवन्या कुशवाह तृतीय रहीं। तृतीय आयु वर्ग में गौरांश प्रथम, अवनी गुप्ता द्वितीय और अच्युतम अग्रवाल तृतीय रहे।

द्वितीय आयु वर्ग में अंश जैन ने प्रथम, अक्षत ने द्वितीय और अधिराज लवानिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नवजात से एक वर्ष तक के प्रथम आयु वर्ग में गौरांश अग्रवाल प्रथम, निविका गोयल द्वितीय और जानवी कुशवाह तृतीय रहीं। सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

कला और साहित्य से जुड़े विशेषज्ञ बने निर्णायक

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सतीश गुप्ता, कवयित्री नूतन अग्रवाल ज्योति, चित्रकार डॉ. आभा सिंह गुप्ता, कवि डॉ. बृज बिहारी लाल बिरजू, चित्रकार डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सपना गोयल और कवि अशोक गोयल ने निभाई। बच्चों की वेशभूषा, कृष्ण रूप-सज्जा और प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया।

कान्हा की छवियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को अलग-अलग आकर्षक रूपों में प्रस्तुत किया। किसी ने मुरलीधर का रूप धारण किया तो कोई मुकुट, मोरपंख और पीतांबर में सजा नजर आया। बच्चों की मनमोहक छवियां कार्यक्रम में मौजूद लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

इनका रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम का संयोजन राजीव सिंघल, अमित अग्रवाल और छीतरमल गर्ग ने किया। संचालन नन्द नन्दन गर्ग, ओम स्वरूप गर्ग, नीरज अग्रवाल और श्याम तिवारी ने किया।

इस अवसर पर महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग, इंजीनियर नीरज अग्रवाल, आशीष जैन, राकेश पाठक, इंजीनियर सुरेश चंद्र अग्रवाल, श्याम तिवारी, संदीप गोयल, प्रभुदत्त उपाध्याय, जिला महामंत्री यतेन्द्र सोलंकी आदि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor