फर्जी दस्तावेजों से 20 लाख तक का कर्ज, ग्राहक को देते थे सिर्फ 71 हजार; बरेली भोजीपुरा में गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, 28 चेकबुक समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
-आरके सिंह- बरेली। बरेली में भोजीपुरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों के नाम पर बैंक से लाखों रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर रकम हड़पने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह 15 से 20 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत कराने के बाद पीड़ित को मामूली रकम देता था और बाकी राशि खुद हड़प लेता था। हाल में लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति के नाम पर 20 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर उसे सिर्फ 71 हजार रुपये दिए गए थे।
पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मॉडर्न विलेज स्थित एक आवास पर देर रात छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम नयन गुप्ता निवासी महाराजगंज, राकेश गुप्ता निवासी भागलपुर (बिहार), अनिल गुप्ता निवासी बारादरी, बरेली और ऋषभ कुमार सक्सेना निवासी इज्जतनगर, बरेली के रूप में हुई है।
गिरोह का एक अन्य आरोपी आमिर खां उर्फ यामिर खां निवासी इज्जतनगर फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
आधार में पता बदलकर खुलवाते थे खाते
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे लोगों के आधार कार्ड में पता बदलकर उनके नाम पर नए सिम कार्ड लेते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में उनके नाम से खाते खुलवाए जाते थे।
गिरोह फर्जी पे-स्लिप, फॉर्म-16 और रेंट एग्रीमेंट तैयार करता था। खातों में ब्लक पोस्टिंग के जरिए वेतन ट्रांसफर दिखाकर संबंधित व्यक्ति की आय का फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया जाता था।
15 से 20 लाख तक कराते थे कर्ज
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत कराया जाता था। आरोपियों पर लोगों को यह कहकर गुमराह करने का आरोप है कि ऋण की रकम प्रधानमंत्री योजना के तहत मिली है।
ऋण स्वीकृत होने और रकम खाते में आने के बाद ग्राहक को उसका छोटा हिस्सा दिया जाता था। शेष रकम चेक और एटीएम के माध्यम से निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
20 लाख का कर्ज, ग्राहक को मिले 71 हजार
पुलिस के मुताबिक, हाल ही में गिरोह ने लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति के नाम पर 20 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। इसमें से संबंधित व्यक्ति को केवल 71 हजार रुपये दिए गए और बाकी रकम आरोपियों ने हड़प ली।
3.50 लाख नकद और 75 एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3.50 लाख रुपये नकद, 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, आठ आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, फर्जी फॉर्म-16, फर्जी पे-स्लिप, केनरा बैंक मुरादाबाद की एक मुहर, 12 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आमिर खां की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।