गजानन स्वरूप में होंगे जगन्नाथ जी के दर्शन, पंचनदी जल से होगा महाभिषेक
आगरा। श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपरा के उल्लास से ओतप्रोत श्रीजगन्नाथ स्नान यात्रा महोत्सव इस वर्ष 11 जून को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस्कॉन आगरा द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में आयोजित होने वाले इस उत्सव में भगवान श्रीजगन्नाथ का पंच नदियों के जल और पंचगव्य सहित 251 पवित्र कलशों से अभिषेक किया जाएगा।
-11 जून को इस्कॉन आगरा की ओर से महाराजा अग्रसेन भवन में भव्य स्नान यात्रा महोत्सव का आयोजन
इस दौरान भगवान श्रीहरि अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ गजानन स्वरूप में भक्तों को दिव्य दर्शन देंगे। अभिषेक उपरांत भगवान का विशिष्ट श्रृंगार सतरंगी पोशाक और पुष्पों से किया जाएगा।
महाअभिषेक से लेकर महाप्रसादी तक, तय हुआ भक्ति रस में डूबा कार्यक्रम
इस्कॉन अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में बताया कि भगवान का यह महाभिषेक समारोह भक्ति, सेवा और वैदिक विधियों से युक्त होगा। उन्होंने बताया कि 11 जून को कार्यक्रम की शुरुआत मंगला आरती और राजभोग के बाद, शोभायात्रा के रूप में श्रीजगन्नाथ जी महाराजा अग्रसेन भवन के लिए प्रस्थान करेंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार रहेगी
-1:00 से 2:00 बजे: हरिनाम संकीर्तन।
-2:00 से 6:00 बजे: महाभिषेक।
-6:00 से 7:00 बजे: संत प्रवचन।
-7:00 से 8:00 बजे: सांस्कृतिक कार्यक्रम।
-8:00 बजे: महाआरती।
-8:00 से 10:00 बजे: महाप्रसादी वितरण।
उड़ीसा से आएंगे कलाकार, भक्तों तैयार करेंगे पोशाक और भोग
इस अवसर पर उड़ीसा से पधारे भक्त भक्ति-संस्कृति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। समाजसेवी नितेश अग्रवाल ने बताया कि भगवान का श्रृंगार भक्तों द्वारा तैयार पोशाकों से किया जाएगा और भोग भी भक्तों द्वारा घरों में बने व्यंजनों से अर्पित किया जाएगा।
15 दिन के विश्राम के बाद ‘नयन उत्सव’ में होंगे दर्शन
11 जून के बाद, श्रीजगन्नाथ मंदिर के पट 15 दिनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 26 जून को ‘नयन उत्सव’ मनाया जाएगा और 27 जून को बल्केश्वर महादेव मंदिर से भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी।
कार्यक्रम में इन भक्तों की रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कान्ता प्रसाद अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, राहुल बंसल, आशु मित्तल, नवीन सिंघल, विकास बंसल (लड्डू भाई), शैलेश बंसल, विभु सिंघल, दिनेश अग्रवाल, ओम प्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, सूरज प्रभु, अदिति गौरांगी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।