निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा, 2.26 करोड़ की ठगी का आरोप,8 लोगों पर एफआईआर दर्ज
एसबीएनएल वर्ल्ड के नाम पर सात निवेशकों से 2.26 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया। सत्य प्रकाश तित्तल, वर्षा तित्तल समेत आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। निवेशकों को फर्जी नोटरी दस्तावेज और चेक देकर भरोसे में लेने का आरोप। कमलानगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल पहले भी प्लॉट दिलाने के नाम पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में जांच के दायरे में हैं।
आगरा। आगरा में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। कमलानगर थाना क्षेत्र में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एसबीएनएल वर्ल्ड नामक संस्था के जरिए सात निवेशकों से करीब 2.26 करोड़ रुपये की रकम जुटाई गई, लेकिन निवेशकों को न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही उनकी मूल धनराशि वापस की गई।
पुलिस के अनुसार मामले में सत्य प्रकाश तित्तल, वर्षा तित्तल, विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, युवराज सिंह, सपना सिंह, राहुल सोनी और कुसुमलता को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाकर निवेश कराया और बाद में भुगतान के नाम पर फर्जी दस्तावेज तथा चेक देकर उन्हें गुमराह किया।
पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में निवेश योजना को पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी बताकर उनका विश्वास जीता गया। जब निवेशकों ने अपनी रकम और लाभांश की मांग की तो उन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर टाल दिया गया। आरोप है कि बाद में कुछ दस्तावेज और चेक दिए गए, जो कथित रूप से वास्तविक नहीं निकले या भुगतान योग्य नहीं थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कमलानगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कथित निवेश योजना किस प्रकार संचालित की जा रही थी और इसमें कितने लोगों को नुकसान पहुंचा है।
इस मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मुख्य आरोपियों में शामिल सत्य प्रकाश तित्तल और अन्य लोगों के खिलाफ पहले भी थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। उस मामले में संजय दिवाकर ने प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। वह मामला भी फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है।
लगातार सामने आ रहे आरोपों के बीच पुलिस दोनों मामलों की कड़ियों को भी खंगाल सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।