कोर्ट मैरिज के बहाने बुलाया, फिर पेड़ से लटकी मिली लाश, प्रेमिका समेत चार पर हत्या का केस दर्ज होगा
संदीप मौत मामले में अदालत का बड़ा आदेश। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रेमिका भावना, पिता गिरिंद, ताऊ मकरंद और मौसा सुरेश आरोपित। मृतक के भाई कायम सिंह ने हत्या का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। आरोप है कि कोर्ट मैरिज के बहाने संदीप को आगरा बुलाया गया। परिवार का दावा, प्रेम संबंधों से नाराज परिजनों ने हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया। हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर के आदेश। जीआरपी आगरा कैंट को मामले की जांच सौंपी गई।
आगरा। आगरा के चर्चित संदीप मौत प्रकरण में अदालत ने बड़ा आदेश जारी करते हुए प्रेमिका समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने मामले को गंभीर मानते हुए जीआरपी आगरा कैंट को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
मृतक संदीप के भाई कायम सिंह की ओर से अदालत में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि संदीप की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों और आरोपों पर विचार करने के बाद प्रेमिका भावना, उसके पिता गिरिंद, ताऊ मकरंद और मौसा सुरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट मैरिज के बहाने आगरा बुलाने का आरोप
वादी पक्ष के अनुसार, 20 मार्च को भावना ने संदीप को कोर्ट मैरिज करने के बहाने आगरा बुलाया था। संदीप जयपुर से आगरा पहुंचा था। आरोप है कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर भावना और उसके परिजनों ने उससे मुलाकात की थी। परिजनों का दावा है कि इसके बाद संदीप संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया और बाद में उसका शव पेड़ से लटका हुआ मिला। परिवार का आरोप है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ पर लटकाया गया।
पहले भी मिल चुकी थीं धमकियां
कायम सिंह ने अदालत को बताया कि संदीप और भावना के बीच प्रेम संबंध थे, जिनसे भावना के परिजन नाराज थे। आरोप है कि इसी कारण संदीप को पहले भी धमकियां दी गई थीं। परिवार का कहना है कि प्रेम संबंधों का विरोध ही इस कथित हत्या की मुख्य वजह बना।
हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने के आरोप
अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को जांच योग्य मानते हुए भावना, गिरिंद, मकरंद और सुरेश के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र रचने तथा साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले की विवेचना जीआरपी आगरा कैंट द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान अदालत में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।