कैलाश मंदिर के महंतों का ऐलान- मंदिर परिसर में निजी मंदिर का निर्माण नहीं होने देंगे, गरिमा से खिलवाड़ का हर स्तर पर होगा विरोध
आगरा के विख्यात प्राचीन श्री कैलाश मंदिर परिसर में कथित निजी मंदिर निर्माण के प्रस्ताव को लेकर महंत परिवार खुलकर सामने आ गया है। पत्रकार वार्ता में एकजुट हुए अधिकृत महंतों ने स्पष्ट घोषणा की कि मंदिर परिसर में किसी भी महंत को व्यक्तिगत मंदिर बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इसे मंदिर की ऐतिहासिक गरिमा, मूल स्वरूप और प्रस्तावित कैलाश कॉरिडोर के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यदि किसी ने ऐसा प्रयास किया तो उसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
आगरा। विख्यात एवं पौराणिक प्राचीन श्री कैलाश मंदिर में निजी मंदिर निर्माण के प्रस्ताव को लेकर महंत परिवार में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में अधिकृत महंतों ने एक स्वर में कहा कि मंदिर परिसर में किसी भी व्यक्ति या महंत को अपना व्यक्तिगत मंदिर बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इसे मंदिर की परंपरा, मूल स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान के विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भी प्रयास किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
कैलाश मंदिर के महंत सुभाष गिरि, महंत निर्मल गिरि, महंत सतीश गोस्वामी, महंत दिलीप गिरि, महंत सोमेश गिरि, महंत राजकुमार गिरि, महंत केशव गिरि, महंत विजय गिरि, महंत सचिन गोस्वामी, महंत धर्मेंद्र गिरि और महंत भीम गिरि ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि भगवान शिव का प्राचीन कैलाश मंदिर सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता एक ही जलहरी में स्थापित दो शिवलिंग हैं, जो इसे विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाती है। उन्होंने कहा कि सदियों से एक ही महंत परिवार के सदस्य बारी-बारी से मंदिर की सेवा और पूजा-अर्चना का दायित्व निभाते आ रहे हैं तथा इस परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
महंतों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप कैलाश मंदिर क्षेत्र को आकर्षक धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैलाश कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। हाईवे पर भव्य प्रवेश द्वार, मौनी बाबा आश्रम पर घाट, सत्संग भवन सहित कई विकास कार्य पूरे हो चुके हैं और अनेक कार्य अभी प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में मंदिर परिसर में निजी निर्माण करना विकास योजना और मंदिर की गरिमा दोनों के प्रतिकूल होगा।
पत्रकार वार्ता में महंतों ने आरोप लगाया कि महंत परिवार के एक सदस्य ने बिना अन्य अधिकृत महंतों से चर्चा किए मंदिर परिसर में 12 शिवलिंगों की स्थापना और व्यक्तिगत मंदिर निर्माण की घोषणा कर दी तथा भूमि पूजन भी करा दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर न तो महंत परिवार की सहमति ली गई और न ही परंपराओं का पालन किया गया। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, जिस पर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
महंतों का कहना था कि यदि आज एक महंत को मंदिर परिसर में निजी मंदिर बनाने की अनुमति मिल गई तो भविष्य में अन्य महंत भी ऐसा ही दावा करेंगे, जिससे प्राचीन श्री कैलाश मंदिर का मूल स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व प्रभावित होगा। उन्होंने दोहराया कि प्राचीन श्री कैलाश मंदिर, कैलाश मंदिर ही रहना चाहिए, उसे अलग-अलग निजी मंदिरों के समूह में नहीं बदला जा सकता।
महंतों ने स्पष्ट किया कि यदि महंत परिवार का कोई सदस्य व्यक्तिगत मंदिर बनाना चाहता है तो वह मंदिर परिसर से बाहर अपनी निजी भूमि पर निर्माण कर सकता है। यदि भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर कोई धार्मिक निर्माण आवश्यक हो तो वह किसी एक व्यक्ति का निजी मंदिर नहीं बल्कि कैलाश मंदिर का अभिन्न अंग होना चाहिए और उसके लिए सभी अधिकृत महंतों की सर्वसम्मति अनिवार्य होगी।
महंतों ने कहा कि मंदिर परिसर में अब किसी भी नए निर्माण पर रोक लगाने की मांग शासन और प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी, ताकि कैलाश कॉरिडोर योजना और मंदिर की ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि मंदिर की गरिमा की रक्षा करना केवल महंत परिवार ही नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं का भी दायित्व है।