9 माह तक गायब रही शिक्षिका प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित
आगरा के फतेहाबाद में नौ माह तक अनुपस्थित रहने वाली शिक्षिका के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अनुपस्थित शिक्षिका को विभिन्न प्रकार के अवकाश स्वीकृत करने और विभागीय लापरवाही का आरोप है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें 15 दिनों में शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा। आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में नौ माह तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाली शिक्षिका के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही पाए जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शेष बहादुर सरोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय जांच में सामने आया कि संबंधित शिक्षिका लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रही, इसके बावजूद उसे विभिन्न प्रकार के अवकाश स्वीकृत किए जाते रहे। इस पूरी प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रथम दृष्टया जांच में मिली गंभीर लापरवाही
शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि संबंधित मामले में विभागीय स्तर पर आवश्यक निगरानी और प्रशासनिक जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया। लंबे समय तक अनुपस्थिति के बावजूद उचित कार्रवाई न होना और अवकाश स्वीकृत किया जाना गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया। इसी आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक करेंगे विभागीय जांच
मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में जवाबदेही और कार्यप्रणाली को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।