फव्वारा में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, ड्रग विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप

आगरा के फव्वारा क्षेत्र स्थित बौहरे राम गोपाल मार्केट में ड्रग विभाग ने बड़ी छापेमारी की। दुकान नंबर 17 (द्वितीय तल) से बिना लाइसेंस भारी मात्रा में ‘नॉट फॉर सेल’ फिजिशियन सैंपल और संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। कई दवाओं की एक्सपायरी समाप्त हो चुकी थी और उन पर अवैध तरीके से स्टीकर लगाए गए थे। 12 दवाओं के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए, जबकि शेष स्टॉक 13 बोरियों में भरकर दुकान को सील कर दिया गया। मुख्य आरोपी सुमित गुप्ता के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज, पुलिस और ड्रग विभाग तलाश में जुटे।

Jun 14, 2026 - 12:35
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फव्वारा में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, ड्रग विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप

आगरा। आगरा के व्यस्ततम फव्वारा इलाके में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने एक गोपनीय सूचना के आधार पर बौहरे राम गोपाल मार्केट में छापा मारा। टीम को संदेह था कि यहां अवैध रूप से जीवनरक्षक और प्रतिबंधित दवाओं का भंडारण कर उन्हें बाजार में खपाने की तैयारी चल रही है।

शनिवार दोपहर जैसे ही अधिकारियों की गाड़ियां मुबारक महल मार्केट के रास्ते मौके पर पहुंचीं, कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने जल्दबाजी में अपनी दुकानें बंद कर दीं। टीम सीधे मार्केट की दूसरी मंजिल पर स्थित दुकान नंबर 17 पर पहुंची, जहां शटर आधा गिरा हुआ था और ताला लगा मिला।

मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई का आधार

कार्रवाई की अगुवाई आगरा के औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार ने की। उनके साथ बुलंदशहर, उन्नाव, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर और संभल के औषधि निरीक्षकों की विशेष संयुक्त टीम भी शामिल थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मुख्यालय को मिली सूचना बेहद सटीक और विश्वसनीय थी, जिसके बाद पूरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा गया।

मकान मालिक की मौजूदगी में खुला ताला

दुकान बंद मिलने पर टीम ने भवन स्वामी जगदीश राठी को मौके पर बुलाया। पूछताछ में पता चला कि दुकान कमला नगर निवासी सुमित गुप्ता और उनकी पत्नी संजोली गुप्ता को किराए पर दी गई थी। सुमित गुप्ता को फोन कर बुलाया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद भवन स्वामी की लिखित सहमति से ताला खुलवाया गया।

अंदर मिला नकली और संदिग्ध दवाओं का जखीरा

दुकान के भीतर का दृश्य चौंकाने वाला था। चारों ओर नामी मल्टीनेशनल कंपनियों की ब्रांडेड दवाओं के फिजिशियन सैंपल्स रखे थे, जिन पर स्पष्ट रूप से “Not For Sale” अंकित था। कई पैकेटों पर काले मार्कर से एमआरपी छिपाई गई थी और उन पर अवैध स्टीकर लगाए गए थे। अधिकारियों को बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं भी मिलीं, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इसके अलावा दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कोल्ड चेन या तापमान नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

13 बोरियों में सील हुआ स्टॉक

टीम ने मौके से 12 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर उन्हें सील किया और लैब जांच के लिए भेज दिया। बाकी अवैध स्टॉक को 13 बड़ी सफेद प्लास्टिक बोरियों में भरकर उसी दुकान में सुरक्षित रखा गया। इसके बाद दुकान को पूरी तरह सील कर दिया गया।

आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

मुख्य आरोपी सुमित गुप्ता के खिलाफ आगरा के कोतवाली थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और ड्रग विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दवा कारोबार में बढ़ी बेचैनी

इस कार्रवाई के बाद शहर के दवा कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है। फव्वारा और आसपास के बाजारों में दिनभर इसी छापेमारी की चर्चा रही। विभागीय अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।