बरेली में नकली दवा का बड़ा खेल बेनकाब, तीन लाइसेंस निलंबित, एक फर्म पर कोर्ट में केस

-आरके सिंह- बरेली। चिकित्सा व्यवस्था की नींव को हिला देने वाले नकली दवा कारोबार पर बरेली प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। औषधि परीक्षण में खरे नहीं उतरने पर तीन मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और एक फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। ताबड़तोड़ छापों और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के बाद दवा बाजार में हड़कंप मच गया है।

Nov 16, 2025 - 19:56
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बरेली में नकली दवा का बड़ा खेल बेनकाब, तीन लाइसेंस निलंबित, एक फर्म पर कोर्ट में केस

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने करीब तीन महीने पहले बरेली के दवा बाजार में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों से दवा के नमूने लेबोरेट्री जांच के लिए भेजे गए। औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई नकली, काउंटरफिट, नशीली और कफ सीरप में मिलावट जैसी गतिविधियों को रोकने के तहत की गई।

उन्होंने बताया कि मैसर्स लखनऊ ड्रग एजेंसी, साहनी मेडिकल स्टोर (गली नवाबान), गुनीना फार्मास्युटिकल्स (गली नवाबान) और माधव एजेंसी (कोहाड़ापीर) सहित कई प्रतिष्ठानों पर गहन छापेमारी की गई। उल्लेखनीय है कि प्रयोगशाला में भेजे गए नमूने संदिग्ध पाए गए।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि:लखनऊ ड्रग एजेंसी, साहनी मेडिकल स्टोर और माधव एजेंसी के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिए गए हैं। इन पर दवा खरीद-फरोख्त पूरी तरह रोक दी गई है। जबकि गुनीना फार्मास्युटिकल्स, जिसकी गतिविधियां सबसे गंभीर पाई गईं, उसके खिलाफ बरेली की अदालत में परिवाद दाखिल कर दिया गया है।

राजेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि शेष फर्मों की जांच अभी पूरी की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा फर्म के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नकली और मिलावटी दवाओं का कारोबार न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि यह आम जनता की सेहत और जीवन से खिलवाड़ है। बरेली प्रशासन की इस कार्रवाई ने उन डॉक्टरों, मरीजों और चिकित्सा दुकानदारों के बीच जागरूकता बढ़ाई है जो नकली दवाओं के जाल में अनजाने फंस जाते हैं।

अब प्रशासन की अगली चुनौती इस अवैध नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को तोड़ने की है। साथ ही, दवा बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में यह कार्रवाई एक सख्त संदेश भी है कि स्वास्थ्य के नाम पर कोई समझौता नहीं होगा।

SP_Singh AURGURU Editor