फर्जी महिला आईएएस का बड़ा खेल बेनकाब: झूठी अफसरी दिखाकर बरेली के युवक से रचाई शादी, फिर पति से मांगी 40 लाख की रंगदारी, गिरफ्तार

-आरके सिंह- बरेली। जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी बताकर युवक को शादी के जाल में फंसाने और बाद में 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फरीदपुर पुलिस ने आरोपी महिला साधना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने सोशल मीडिया पर फर्जी फोटो और वीडियो अपलोड कर खुद को आईएएस अधिकारी के रूप में पेश किया था। इसी झांसे में आकर युवक और उसका परिवार शादी के लिए तैयार हो गया।

Jul 14, 2026 - 17:53
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फर्जी महिला आईएएस का बड़ा खेल बेनकाब: झूठी अफसरी दिखाकर बरेली के युवक से रचाई शादी, फिर पति से मांगी 40 लाख की रंगदारी, गिरफ्तार
बरेली के फरीदपुर थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई फर्जी आईएएस साधना।

पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने मंगलवार को बताया कि थाना फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम पचौमी निवासी अभिषेक की तहरीर पर आरोपी साधना, उसके पिता नरेंद्र पाल सिंह, भाई सूर्य प्रताप और मामा राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम सतेती, थाना बिल्सी, जिला बदायूं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 308(4), 318(2), 204 तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीड़ित अभिषेक ने पुलिस को बताया कि बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के सतेती गांव निवासी साधना और उसके परिजनों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें धोखे में रखा। साधना ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर स्वयं को आईएएस अधिकारी बताते हुए फर्जी तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिससे उसकी सरकारी अधिकारी की छवि बन गई। इन्हीं दावों पर भरोसा कर अभिषेक और उसके परिवार ने शादी के लिए सहमति दे दी।

अभिषेक का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही साधना का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और एक दिन गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। इतना ही नहीं, उसने परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए 40 लाख रुपये की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी महिला की तलाश में जुट गई। सोमवार सुबह पुलिस ने साधना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने फेसबुक पर स्वयं को आईएएस अधिकारी दिखाने के लिए फर्जी फोटो और वीडियो पोस्ट किए थे। उसने यह भी माना कि इन्हीं फर्जी दावों के आधार पर अभिषेक और उसके परिवार का विश्वास जीतकर शादी की थी।

पुलिस पूछताछ में साधना ने बताया कि वह तीन भाई-बहनों में एक है। उसका बड़ा भाई अभय प्रताप बेंगलुरु में बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद क्लीनिक संचालित करता है, जबकि छोटा भाई सूर्य प्रताप पढ़ाई पूरी कर बदायूं में निजी नौकरी कर रहा है। उसने बताया कि उसने बीएससी तक शिक्षा प्राप्त की है और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। उसके पिता नरेंद्र पाल सिंह किसान हैं और खेती-बाड़ी का काम करते हैं।

पूछताछ में साधना ने यह भी स्वीकार किया कि पति अभिषेक से उसका अक्सर विवाद होता था और गुस्से में उसने उसका गला दबाया था। उसने लालच में आकर अभिषेक से उसकी 20 बीघा जमीन बेचकर बदायूं में स्थित प्लॉट पर अस्पताल खुलवाने की बात कही थी। उसने यह भी कबूल किया कि फेसबुक पर आईएएस अधिकारी होने के फर्जी फोटो और वीडियो उसी ने अपलोड किए थे और इन्हीं के जरिए उसने शादी का झांसा दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर 40 लाख रुपये की मांग करने की बात भी स्वीकार की।

पुलिस के अनुसार पूछताछ से यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी महिला इसी तरह लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी करने का प्रयास करती थी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और पूरे प्रकरण में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

SP_Singh AURGURU Editor