करोड़ों की ठगी के आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल को बड़ा झटका, जमानत अर्जी खारिज

आगरा में एसबीएनेल वर्ल्ड कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी के आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल की जमानत स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपों को गंभीर और गैर-जमानती मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। आरोपी पर 2.26 करोड़ रुपये की निवेश ठगी और एक अन्य मामले में 48 लाख रुपये की प्लॉट धोखाधड़ी का भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस पहले ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

Jun 30, 2026 - 22:24
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करोड़ों की ठगी के आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल को बड़ा झटका, जमानत अर्जी खारिज

आगरा। आगरा में एसबीएनएल  वर्ल्ड नामक कंपनी के माध्यम से निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने के आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। स्पेशल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं तथा अपराध गैर-जमानती श्रेणी का है। ऐसे में उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता।

मामले के अनुसार, आरके पुरम, ताजनगरी निवासी मनीष शर्मा समेत सात लोगों ने डीसीपी सिटी से शिकायत की थी कि कमला नगर के एफ ब्लॉक निवासी सत्य प्रकाश तित्तल, उसकी पत्नी वर्षा तित्तल, भतीजे विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, युवराज सिंह, सपना सिंह, राहुल सोनी और कुसुमलता सोनी ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनसे कुल 2 करोड़ 26 लाख रुपये की ठगी की।

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने एसबीएनएल वर्ल्ड नाम की कंपनी के माध्यम से निवेश योजना चलाई और दावा किया कि 15, 19 और 30 महीने में निवेश की रकम दोगुनी कर दी जाएगी। अधिक लाभ के लालच में आकर कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।

विश्वास जीतने के लिए दिए शपथ पत्र और चेक

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने शपथ पत्र और अपने नाम के चेक भी दिए। बाद में जांच के दौरान पता चला कि जिन शपथ पत्रों का सत्यापन जिस अधिवक्ता के नाम से बताया गया था, उनका काफी समय पहले ही निधन हो चुका था। इससे दस्तावेजों की सत्यता पर भी सवाल खड़े हो गए। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि सत्य प्रकाश तित्तल खुद को प्रभावशाली बताता था और दावा करता था कि उसने कई अधिकारियों के भी पैसे निवेश करा रखे हैं, इसलिए अधिकारी उसके प्रभाव में रहते हैं। इसी भरोसे के कारण कई लोग उसके झांसे में आ गए।

टूंडला से हुई थी गिरफ्तारी

डीसीपी के आदेश पर कमला नगर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। बीते दिनों कमला नगर पुलिस ने आरोपी सत्य प्रकाश तित्तल को टूंडला से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसने बीमार होने का बहाना बनाया, लेकिन चिकित्सकीय जांच में उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। वर्तमान में वह जेल में बंद है।

हरीपर्वत थाने में भी दर्ज है एक और मुकदमा

सत्य प्रकाश तित्तल और उसके सहयोगियों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। 4 जून को हरीपर्वत थाने में भी सत्य प्रकाश तित्तल, विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, युवराज सिंह और राहुल कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मुकदमा दर्ज किया गया था। गोविंदपुरी, कमला नगर निवासी संजय दिवाकर ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने प्लॉट दिलाने के नाम पर उनसे 48 लाख रुपये की ठगी की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी अपने साथ कई बाउंसर रखता था, जिससे लोग उसके प्रभाव और दबाव में आ जाते थे।

दो अलग-अलग मामलों में गंभीर धोखाधड़ी के आरोपों और करोड़ों रुपये की कथित ठगी के बीच स्पेशल सीजेएम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।