टीएमसी को बड़ा झटका, तीन पूर्व राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल, चंद्रिमा के इस्तीफे से ममता पर बढ़ा सियासी संकट

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हो गए। दूसरी ओर, वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी के अन्य सभी पदों से इस्तीफा देकर सियासी हलचल और तेज कर दी है। इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू कर दी है।

Jul 9, 2026 - 20:18
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टीएमसी को बड़ा झटका, तीन पूर्व राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल, चंद्रिमा के इस्तीफे से ममता पर बढ़ा सियासी संकट
भाजपा का दामन थामते टीएमसी के पूर्व सांसद।

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने को आगामी विधानसभा चुनाव और राज्यसभा उपचुनाव से पहले टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

राज्यसभा उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। 7 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी। 14 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। ऐसे समय में तीन पूर्व सांसदों का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

सुखेंदु शेखर राय ने लगाए गंभीर आरोप

भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व सांसद सुखेंदु शेखर राय ने टीएमसी सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस में सबूतों से कथित छेड़छाड़ का मुद्दा उठाने के बाद उन्हें लगातार जान से मारने और परिवार के अपहरण की धमकियां मिलने लगीं। राय का आरोप है कि उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त और अस्पताल के तत्कालीन प्रिंसिपल से पूछताछ की मांग की थी। इसके बाद उन्हें लालबाजार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके चलते उन्हें न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

सुष्मिता देव ने मोदी सरकार की तारीफ की

भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा में भाजपा की लगातार बढ़ती ताकत जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा का लगातार तीसरी बार सरकार बनाना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाता है। सुष्मिता देव ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें कोई दूसरी राजनीतिक पार्टी अपने साथ नहीं लेना चाहती, इसलिए वे आज भी टीएमसी में हैं।

टीएमसी की स्थिति पर विपक्ष के दावे

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि टीएमसी लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके अनुसार लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 अलग हो चुके हैं और अब पार्टी के पास केवल 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा में 13 सांसदों में से 4 इस्तीफा दे चुके हैं और अब संख्या 9 रह गई है। विधानसभा में 80 विधायकों में से 58 विधायक कथित तौर पर अलग गुट बना चुके हैं, जिससे पार्टी के पास केवल 22 विधायक रह गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और टीएमसी की ओर से इन आंकड़ों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे से बढ़ीं अटकलें

इसी बीच टीएमसी की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष पद संभालने के महज एक महीने बाद इस्तीफा देकर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। उन्होंने पार्टी के अन्य सभी पदों से भी त्यागपत्र दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह किसी बागी गुट के साथ जा सकती हैं। हालांकि, उन्होंने अब तक अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

बंगाल की राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण

लगातार नेताओं के दल बदलने, इस्तीफों और उपचुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन घटनाक्रमों का राज्यसभा उपचुनाव और प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।