इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल को लेकर हुई बैठक में किसान बोले- जमीन लौटाओ या कानून के अनुसार मुआवजा दो, जल्द होगी उच्चस्तरीय बैठक
आगरा। इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल परियोजना से प्रभावित किसानों ने एक बार फिर अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग तेज कर दी है। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक किसानों, जिला प्रशासन, भूमि अध्याप्ति अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में किसानों ने 16 वर्षों से न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए एडीए और भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा तथा शीघ्र ही सभी संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने बैठक में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि एडीए और भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों के विपरीत कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसान नेता मुकेश पाठक ने कहा कि इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल तृतीय चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अलग-अलग समय और अलग-अलग धाराओं के तहत शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि इनर रिंग रोड की प्रक्रिया वर्ष 2009 में तथा लैंड पार्सल की प्रक्रिया वर्ष 2011 में शुरू हुई थी, लेकिन एडीए और भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ने कथित रूप से दोनों की धाराओं को एक साथ लागू कर दिया, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
किसान नेता सोमवीर यादव ने आरोप लगाया कि एडीए ने किसानों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार को भी गलत रिपोर्ट भेजकर गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
बैठक के दौरान भूमि अध्याप्ति अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि या तो किसानों की जमीन वापस करने अथवा कानून के अनुसार उचित मुआवजा देने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने किसानों से कुछ आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा और आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर नियमावली, अधिनियम एवं संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
डॉ. महावीर सिंह चाहर ने कहा कि वर्ष 2000 से 2008 के बीच हजारों सैनिकों ने अपने आवास के लिए इस क्षेत्र में प्लॉट खरीदे थे। यदि उनके साथ अन्याय हुआ तो पूर्व सैनिक और किसान संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में देवेंद्र सिंह, निरोतम शर्मा, रविंद्र सिंह, बंटू बघेल, श्रीचंद चाहर, सुरेंद्र कुमार, श्रीभगवान शर्मा, मनोज शर्मा, पप्पू कुशवाह, सत्य नारायण, सोनू सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे। बैठक के बाद किसानों ने स्पष्ट कहा कि उनका एक ही नारा है- किसानों की जमीन वापस करो।