सुभाष बाजार त्रासदी पर मंत्री का बड़ा बयान, अधिकारियों की लापरवाही की होगी जांच, दोषी नहीं बचेंगे
आगरा के सुभाष बाजार में नाले का लेंटर टूटने से हुई दुर्घटना के चार दिन बाद कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को जांच और रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, लापता गंगा देवी की तलाश अब यमुना तक बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
सुभाष बाजार हादसे पर गरजे मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, बोले- ‘दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’, चार दिन बाद भी लापता गंगा देवी की तलाश तेज करने के निर्देश
आगरा। सुभाष बाजार में नाले का लेंटर टूटने से हुए दर्दनाक हादसे के चार दिन बाद रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं आगरा दक्षिण से विधायक योगेंद्र उपाध्याय घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने बिजलीघर के पास स्थित सुभाष बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया, पीड़ित परिवारों और व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिस नाले के ऊपर यह दुकान बनी थी, उसका निर्माण नगर निगम की ओर से कराया गया था। उन्होंने बताया कि स्थानीय व्यापारियों ने पहले ही नाले और उसके ऊपर बने ढांचे की मरम्मत को लेकर शिकायत और प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। मंत्री ने कहा कि इस मामले में अधिकारियों की गंभीरता की कमी या अन्य कारणों की गहन जांच कराई जाएगी।
योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पूरी घटना की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
गौरतलब है कि बुधवार दोपहर करीब 2:25 बजे तेज बारिश के दौरान नाले का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे में राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर नाले में समा गई थी। उस समय दुकान के भीतर मौजूद तुलाराम, लाला भाई, कृष्णा, अनीता और डेढ़ वर्षीय अनन्या को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन 60 वर्षीय गंगा देवी नाले में गिरने के बाद से लापता हैं।
घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद गंगा देवी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसे लेकर मंत्री ने जिला प्रशासन, नगर निगम, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों को रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तलाश अभियान को यमुना नदी तक विस्तारित किया जाए और पीड़ित परिवार को किसी भी स्थिति में अकेला न छोड़ा जाए।
कैबिनेट मंत्री ने प्रभावित व्यापारियों से बातचीत करते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारियों ने उनके सामने मुआवजे, आजीविका के संकट और नगर निगम की ओर से जारी किए जा रहे नोटिसों का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल और सुभाष बाजार कमेटी के अध्यक्ष इंद्र कुमार मगनानी को भरोसा दिलाया कि सरकार व्यापारियों के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं तो उनकी भाषा और कानूनी प्रक्रिया का अध्ययन कराया जाएगा, ताकि व्यापारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही प्रशासन को बाजार क्षेत्र में सुरक्षा, शांति व्यवस्था और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
हादसे के बाद से नगर निगम, एसडीआरएफ, जल पुलिस और दमकल विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। सौ से अधिक कर्मचारी आंबेडकर पार्क से लेकर यमुना नदी तक नाले के विभिन्न हिस्सों में तलाश अभियान चला रहे हैं। अब तक करीब 70 मीटर स्लैब तोड़कर बचाव दल को नाले के भीतर उतारा जा चुका है, लेकिन गंगा देवी का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
इस दौरान आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल, जय पुरुषनानी, सुभाष बाजार कमेटी के अध्यक्ष इंद्र कुमार मगनानी, शैलेश कुमार जैन, रॉकी महाजन, लक्ष्मण दास, कमलजीत महाजन, योगेश कुमार, दीपू पुनवानी, सोनू कुमार, हरीश भोजवानी, हरीश मगनानी, ईश्वर चंद्र गांधी, धीरज जैन, पार्षद सुनील करमचंदानी, पार्षद अनुज शर्मा समेत बड़ी संख्या में व्यापारी, भाजपा पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।