आगरा के दवा बाजार में मातम, छापेमारी के बीच दो कारोबारियों की मौत, थोक बाजार बंद

आगरा के थोक दवा बाजार में औषधि विभाग की लगातार चल रही छापेमारी के बीच दो दवा कारोबारियों की मौत से व्यापारिक जगत में शोक और चिंता का माहौल है। रिचा मेडिकल एजेंसी के संचालक प्रेम जेसवानी और लवकुश मेडिकल स्टोर के संचालक कमल कुमार का रविवार को निधन हो गया। बाजार में 95 प्रतिशत दुकानें बंद हैं और व्यापारियों के बीच छापेमारी की कार्रवाई को लेकर दहशत व्याप्त है। हालांकि दोनों मौतों को सीधे तौर पर विभागीय कार्रवाई से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Jun 14, 2026 - 12:11
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आगरा के दवा बाजार में मातम, छापेमारी के बीच दो कारोबारियों की मौत, थोक बाजार बंद

आगरा। आगरा के थोक दवा बाजार में पिछले तीन दिनों से चल रही औषधि विभाग की व्यापक कार्रवाई के बीच रविवार को दो दवा कारोबारियों की मौत की खबर ने पूरे व्यापारिक क्षेत्र को झकझोर दिया। शहर के शास्त्रीपुरम निवासी और रिचा मेडिकल एजेंसी के संचालक प्रेम जेसवानी का रविवार सुबह निधन हो गया। वहीं लवकुश मेडिकल स्टोर के संचालक कमल कुमार की भी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई।

दोनों घटनाओं के बाद दवा कारोबारियों में गहरा शोक है। बाजार में सुबह से ही इन मौतों को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा और व्यापारियों के बीच असुरक्षा तथा तनाव का माहौल दिखाई दिया।

प्रेम जेसवानी की मौत को लेकर उठ रहे सवाल

व्यापारियों के अनुसार प्रेम जेसवानी की फर्म पर कुछ महीने पहले औषधि विभाग ने कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से वे मानसिक तनाव में थे। चर्चाएं हैं कि उनकी मौत दवाओं की ओवरडोज के कारण हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वजन और नजदीकी लोग इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं कारोबारी वर्ग में यह चर्चा तेज है कि लगातार चल रही विभागीय कार्रवाई और जांच के दबाव ने कई कारोबारियों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है।

कमल कुमार को आया हार्ट अटैक

दूसरी ओर लवकुश मेडिकल स्टोर के संचालक कमल कुमार की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। उनके निधन की सूचना मिलते ही दवा व्यापारियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। कई कारोबारी उनके आवास और प्रतिष्ठान पर पहुंचे।

95 प्रतिशत थोक दवा बाजार बंद

औषधि विभाग की कार्रवाई के चलते आगरा का थोक दवा बाजार लगभग ठप हो गया है। व्यापारियों के अनुसार करीब 95 प्रतिशत दुकानें बंद हैं। कई कारोबारी अपनी दुकानों और गोदामों को खोलने से बच रहे हैं। बाजार में खरीद-बिक्री का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के स्वरूप और लगातार दबाव के कारण कारोबारी वर्ग में भय का माहौल बना हुआ है।

28 औषधि निरीक्षकों की टीमें कर रहीं कार्रवाई

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर शुक्रवार से आगरा के थोक दवा बाजार में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 28 औषधि निरीक्षकों की टीमों को लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर बंद प्रतिष्ठानों की जांच के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई। विभाग का उद्देश्य दवा कारोबार में अनियमितताओं, संदिग्ध स्टॉक और लाइसेंस संबंधी मामलों की जांच करना बताया जा रहा है।

मौतों और छापेमारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

दोनों कारोबारियों की मौत के बाद बाजार में यह चर्चा जोरों पर है कि लगातार चल रही छापेमारी और कार्रवाई से पैदा हुए तनाव का इन घटनाओं से संबंध हो सकता है। हालांकि अब तक न तो परिजनों और न ही किसी व्यापारी संगठन ने आधिकारिक रूप से ऐसा आरोप लगाया है। फिलहाल दोनों मौतों के कारणों की अलग-अलग परिस्थितियों में जांच और चिकित्सीय पुष्टि का इंतजार है। वहीं दवा बाजार में व्यापारी संगठनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं और कारोबारी प्रशासन से संवाद की मांग कर रहे हैं।