पहली बारिश में ही 'बेनकाब' नगर निगम, सड़कें बनीं तालाब, 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

आगरा में मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक हुई रुक-रुक कर बारिश ने मौसम तो सुहावना बना दिया, लेकिन नगर निगम और निर्माण एजेंसियों की तैयारियों की पोल भी खोल दी। 30 से अधिक इलाकों में जलभराव, VIP रोड पर दो फीट तक पानी और सीएम ग्रिड योजना के अधूरे कार्यों के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

Jul 8, 2026 - 13:44
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पहली बारिश में ही 'बेनकाब' नगर निगम, सड़कें बनीं तालाब, 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
शहर की सड़कें हुई पानी-पानी।

बूंदाबांदी से उमस से राहत, लेकिन शहर की बदहाल व्यवस्था आई सामने, 30 से ज्यादा इलाकों में जलभराव, सीएम ग्रिड योजना के अधूरे कार्य बने नई मुसीबत

आगरा। आगरा में बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन बारिश ने शहर की तैयारियों की हकीकत भी उजागर कर दी। मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश का असर बुधवार सुबह तक बना रहा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में शहर की मौजूदा स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

बारिश के चलते तापमान में भी उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, जबकि न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। इससे मौसम सुहावना हो गया, लेकिन शहर की सड़कें और कॉलोनियां जलभराव से जूझती नजर आईं।

कई इलाकों में जलभराव

महज कुछ देर की बारिश ने नगर निगम के मानसून पूर्व नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी। शहर के 30 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। वीआईपी रोड मानी जाने वाली खेरिया मोड़-अजीत नगर गेट रोड पर करीब दो-दो फीट तक पानी भर गया। दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।

अलबतिया रोड, पृथ्वीनाथ फाटक 100 फीट रोड, मानस नगर, एमजी रोड, रामबाग, आवास विकास सहित कई प्रमुख इलाकों में बारिश बंद होने के चार घंटे बाद तक पानी सड़कों पर जमा रहा। इससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

सीएम ग्रिड योजना के अधूरे कार्य बने परेशानी की वजह

बारिश के बीच सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दिल्ली गेट, कालिंदी विहार, इंद्रापुरम और कोठी मीना बाजार-मारुति एस्टेट रोड पर खुदाई के कारण सड़कें पहले ही संकरी हो चुकी हैं। बारिश के बाद इन स्थानों पर कीचड़, गड्ढे और सड़क धंसने जैसी समस्याएं सामने आईं।

हाल ही में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को फटकार लगाई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।

नाला सफाई के दावे फेल

नगर निगम ने दावा किया था कि मानसून से पहले 15 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर दी जाएगी। आगरा में कुल 410 नाले हैं, जिनमें 18 बड़े, 151 मझोले और 241 छोटे नाले शामिल हैं। लेकिन पहली प्रभावी बारिश में ही कई इलाकों में जलभराव होने से साफ हो गया कि सफाई अभियान अपेक्षित स्तर पर सफल नहीं रहा।

बारिश की कमी से खेती पर भी असर

मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका असर आगरा और आसपास के जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार पर पड़ सकता है। हालांकि 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है। 10 जुलाई को भी दिनभर बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश होने का अनुमान है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हल्की और रुक-रुक कर हुई बारिश में ही शहर की यह स्थिति है, तो अगले 48 घंटों में संभावित भारी बारिश के दौरान आगरा की सड़कें, नाले और निर्माणाधीन क्षेत्र कितनी बड़ी चुनौती बनेंगे। नगर निगम और संबंधित विभागों के लिए यह समय दावों से आगे बढ़कर जमीनी तैयारी साबित करने का है।