प्रेम प्रसंग की रंजिश में घर में घुसकर की थी हत्या, पिता-पुत्र को उम्रकैद, बरेली कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
बरेली। परिवार की युवती को ले जाने की रंजिश में युवक के भाई की घर में घुसकर चाकुओं से हत्या करने के छह वर्ष पुराने मामले में बरेली की विशेष एससी-एसटी एक्ट अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान आठ गवाह पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने दोनों को हत्या और घर में घुसकर हमला करने का दोषी माना।
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने सोमवार को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की रामगंगा नगर कॉलोनी निवासी काशीनाथ (55) और उसके बेटे रोहित (30) को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) स्वतंत्र पाठक ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में रामगंगा नगर कॉलोनी, थाना बिथरी चैनपुर निवासी क्राति देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 452, 302 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी।
अभियोग के अनुसार, क्राति देवी ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई सतनाम पड़ोसी काशीनाथ के परिवार की एक युवती को अपने साथ ले गया था। इसी बात को लेकर काशीनाथ और उसका परिवार सतनाम से रंजिश रखने लगा था।
9 जुलाई 2019 को पूर्वाह्न करीब 11 बजे काशीनाथ और उसका बेटा रोहित हथियार लेकर क्राति देवी के घर में घुस आए। उस समय सतनाम का भाई कमल (28) घर में बिस्तर पर लेटा हुआ था। आरोप है कि दोनों ने कमल पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल कमल को अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
एडीजीसी स्वतंत्र पाठक ने बताया कि विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने काशीनाथ और रोहित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद स्पेशल जज अभय श्रीवास्तव ने दोनों आरोपियों को घर में घुसकर हत्या करने का दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 60-60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।