साइबर ठगों के नए हथकंडे, बुजुर्ग की एफडी तोड़ी, फेसबुक फ्रेंड बनकर ऐंठे लाखों रुपये

आगरा में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में करीब 22 लाख रुपये की ठगी। पहले मामले में पीएनबी अधिकारी बनकर बुजुर्ग से एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। संदिग्ध ऐप इंस्टॉल होते ही एफडी तोड़कर 11 लाख रुपये निकाल लिए गए। दूसरे मामले में फेसबुक पर "महक अरोरा" नाम की प्रोफाइल से दोस्ती कर क्रिप्टो निवेश का झांसा दिया गया। पीड़ित से करीब 11 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाना आगरा में मुकदमा दर्ज। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल की जांच में जुटी।

Jun 18, 2026 - 00:55
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साइबर ठगों के नए हथकंडे, बुजुर्ग की एफडी तोड़ी, फेसबुक फ्रेंड बनकर ऐंठे लाखों रुपये

आगरा। आगरा में साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे लोगों के लिए लगातार खतरा बनते जा रहे हैं। ताजा मामलों में ठगों ने कभी बैंक अधिकारी बनकर तो कभी सोशल मीडिया पर दोस्ती का जाल बिछाकर दो लोगों को अपना शिकार बनाया। दोनों घटनाओं में पीड़ितों से कुल करीब 22 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पीएनबी अधिकारी बनकर बुजुर्ग की एफडी तोड़ी, 11 लाख रुपये उड़ाए

आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। आरोप है कि एक व्यक्ति ने स्वयं को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का अधिकारी बताते हुए उनसे संपर्क किया और बेहतर पेंशन प्लान का लाभ दिलाने का झांसा दिया। ठग ने बातचीत के दौरान बुजुर्ग को मोबाइल फोन में एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। विश्वास में आकर जैसे ही उन्होंने उक्त फाइल इंस्टॉल की, साइबर अपराधियों को उनके मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल गई।

आरोप है कि इसके बाद ठगों ने बैंक खाते में मौजूद फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को तोड़कर करीब 11 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। जब पीड़ित को खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई तो उन्होंने संबंधित बैंक और पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आगरा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।

फेसबुक दोस्ती और क्रिप्टो निवेश का झांसा

साइबर ठगी के दूसरे मामले में फेसबुक पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ने युवक को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। पीड़ित के अनुसार, "महक अरोरा" नाम की फेसबुक प्रोफाइल से उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। बातचीत बढ़ने पर दोनों के बीच नियमित संपर्क होने लगा। कुछ समय बाद कथित महिला ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर 30 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का दावा किया। उसने पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप से भी जोड़ा, जहां निवेश से जुड़े आकर्षक दावे किए जा रहे थे।

लालच में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में करीब 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि रकम जमा होते ही व्हाट्सएप ग्रुप बंद कर दिया गया और संबंधित मोबाइल नंबर भी बंद हो गए। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर साइबर क्राइम थाना आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।