शिवसेना (उद्धव) का कांग्रेस में विलय नहीं, उद्धव ठाकरे बोले- 30 साल भाजपा के साथ रहे तो नहीं किया विलय
शिवसेना की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं-नेताओं को संबोधित किया। बागी सांसदों पर करारा हमला बोला।
मुंबई। उद्धव ठाकरे ने उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि उनकी पार्टी शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) का विलय कांग्रेस में हो सकता है। दरअसल, बागी सांसदों ने शिवसेना (यूबीटी) के कांग्रेस में विलय की आशंका को पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। शुक्रवार (19 जून) को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी के साथ 30 साल रहकर भी हम बीजेपी में विलीन नहीं हुए तो कांग्रेस में विलीन होने की बात कहां से आ गई।
शिवसेना यूबीटी चीफ ने कहा कि शिवसेना किसी में विलय होने के लिए नहीं बनी है। शिवसेना मराठी मानुष के अधिकारों और संघर्ष के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि कांग्रेस ने हमें कभी परेशान नहीं किया। हमारा आधा राजनीतिक जीवन कांग्रेस के विरोध में बीता है, क्योंकि उस समय हम बीजेपी के साथ थे और बालासाहेब ठाकरे उनके समर्थन में खड़े रहते थे। कांग्रेस ने हमारे लोगों को तोड़ा, लेकिन उन्हें कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया। कांग्रेस ने हमें परेशान किया लेकिन इतना नहीं किया। मातोश्री की ओर लालच भरी नजरों से नहीं देखा। कांग्रेस ने कम से कम अपने शब्द का सम्मान किया।"
मुंबई के सायन (ईस्ट) में श्री षण्मुखानंद चंद्रशेखर सरस्वती सभागृह में अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि उद्धव ठाकरे मिलते नहीं, तो तुम लोग (बागी सांसद) जीतकर कैसे आए। हमने 4 सांसदों (तीन लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद जो अभी पार्टी के साथ हैं) का सम्मान किया। इन चारों ने राष्ट्रीय स्तर पर शिवसेना का पक्ष मजबूती से रखा। हमारे सामने कई संकट आए हैं। यह संकट कोई बड़ा संकट नहीं है।"
उद्धव ठाकरे ने कहा, "कुछ लोग चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि शिवसेना कांग्रेस में विलय हो जाएगी। 30 साल बीजेपी के साथ रहने के बावजूद हमने कभी शिवसेना का बीजेपी में विलय नहीं किया, तो क्या मैं कांग्रेस में विलय हो जाऊंगा? अब तो बीजेपी ही मिंधे (शिंदे) में विलय हो जाएगी। एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि बीजेपी वालों को उनकी दाढ़ी खुजलानी पड़ती है। तुम्हें राजनीति में अपने लोग नहीं मिलते तो हमारे लोगों को क्यों भगाते हो? अपनी इस बांझपन की बीमारी का इलाज ढूंढ़ो।"